लखनऊ। चकरोड पर दीवार बनाने से रोकने पर गोली मारकर हत्या करने वाले बलराम यादव, सुमेर चंद्र यादव, विमल यादव और रामदास यादव को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
सरकारी अधिवक्ता ने बताया कि वादी लक्ष्मी शंकर उर्फ पप्पू ने मड़ियांव थाने में 23 नवंबर 2011 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया गय था कि वादी का खेत रैथा रोड पर नलकूप नंबर तीन के पास है। वादी और उसके चाचा राम चंद्र खेत पर काम कर रहे थे। इस बीच बलराम, सुमेर, रामदास और विमल वादी के खेत से लगे हुए चकरोड पर दीवार बनाने लगे। विरोध पर रिवाॅल्वर, रायफल, पिस्टल और बंदूक लेकर आए और वादी व उसके चाचा पर गोलियां चला दीं। गोली लगने से रामचंद्र की मौत हो गई थी।