चार और गोतस्कर गिरफ्तार, सासाराम में बेचते थे गोवंश
लखनऊ। गोसाईंगंज पुलिस ने गोतस्करी के मामले में मेरठ के शोएब उर्फ गैंडा के चार साथियों को गिरफ्तार कर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। आरोपी विभिन्न जिलों से गोवंश खरीदकर बिहार के सासाराम में ऊंचे दामों पर बेचते थे। इससे पहले शोएब को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया गया था।
डीसीपी दक्षिणी निपुण अग्रवाल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में हरिद्वार का जाबिर, मुजफ्फरनगर का फैजान, छपरा का मुनीर आलम और मुरादाबाद का फिरासत है। इनके साथी राजस्थान का वीरभान, अरमान और बादाम की तलाश की जा रही है।
पांच मई को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर 20 गोवंश से भरा ट्रक लावारिस हालत में मिला था। इसमें अलग-अलग नंबर प्लेट लगी थीं। जांच में पता चला कि तस्करी के दौरान ट्रक खराब हो गया था। आरोपी मौके से भाग गए थे। पूछताछ में सामने आया कि मुनीर और फिरासत, वीरभान से 3000 रुपये में गोवंश खरीदते थे। जाबिर और मुनीर के पास अपने-अपने ट्रक थे, जिनसे पशुओं को सासाराम के डेरी बाजार में ले जाया जाता था। वहां बादाम नामक व्यक्ति को 40 हजार रुपये प्रति पशु बेचा जाता था। सीमा पार कराने के लिए अरमान 75 हजार रुपये लेता था।
पुलिस के अनुसार, तस्करी के समय एक कार ट्रक के आगे और दूसरी पीछे चलती थी, ताकि खतरे की स्थिति में आरोपी तुरंत भाग सकें। इस कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम को पुलिस आयुक्त द्वारा 50 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की गई है।