दो लाख का सामान बरामद, रायबरेली, लखनऊ, प्रतापगढ़ समेत अन्य जिलों में करते थे चोरीसलोन पुलिस ने दबोचा, घटना में प्रयुक्त की जाने वाली कार कब्जे में ली गई
संवाद न्यूज एजेंसी
सलोन (रायबरेली)। कोतवाली पुलिस ने अंतरजनपदीय चोर गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इन चारों के पास से चोरी की गई नकदी, जेवरात समेत दो लाख का सामान बरामद हुआ है। पकड़े गए चोरों ने सलोन के अलावा डीह, शिवगढ़ थाना क्षेत्र में चोरी की अंजाम दिए जाने की बात कबूली है। पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि सलोन क्षेत्र में हुई चोरी की घटनाओं के खुलासे के लिए कोतवाल नारायण कुशवाहा की अगुवाई में पुलिस टीम गठित की गई थी।
कोतवाल ने पुलिस टीम के साथ अंतरजपनदीय चोर गैंग के चार सदस्यों को पकड़ा है। इसमें प्रतापगढ़ जिले के हथिगवां थाना क्षेत्र के परानूपुर निवासी मनोज कुमार सरोज उर्फ नाना, बिसैया निवासी अभिषेक सरोज, परानूपुर निवासी सूरज सरोज और लखनऊ जिले के सुशांत गोल्फ सिटी थाना क्षेत्र के बरौना निवासी पंकज रावत को पकड़ा गया है। एसपी के मुताबिक पकड़े गए चोरों की निशानदेही पर 28,800 रुपये के अलावा चांदी की 14 जोड़ी पायल, चार जोड़ी बिछिया, सोने की दो चेन, नाक की कील चार, दो अंगूठी, एक जोड़ी कान के टप्स, 10 लीटर पिपरपिंट का तेल, एक गैस सिलेंडर बरामद किया गया है, जिसकी कीमत दो लाख रुपये है। यह सब रायबरेली के अलावा प्रतापगढ़, लखनऊ समेत अन्य जनपदों में चोरी की घटनाओं को काफी समय से अंजाम दे रहे थे। इधर, रायबरेली जिले में सक्रिय थे।
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दिन में करते थे रेकी और रात में करते थे चोरी
एसपी के मुताबिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि दिन में हम लोग मकानों, दुकानों, स्कूलों की घूम-घूमकर रेकी करते थे और रात में चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे। 12 जुलाई की रात धरई चौराहा पर दुकानों का शटर तोड़कर हम लोगों ने ही चोरी की थी। 25 जून को पिडिया व औटहिया में तीन घरों, 11 जुलाई को लहुरेपुर प्राथमिक विद्यालय, 16 जून को डीह थाना क्षेत्र के पूरे बनई, लैलहा और 23 अप्रैल को शिवगढ़ थाना क्षेत्र के शिवदयाल खेड़ा गांव में तीन घरों में चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया था।
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पुलिस से बचने के लिए बनवा रखे थे मीडिया आईकार्ड
कोतवाल नारायण कुशवाहा ने बताया कि पकड़े गए आरोपी बड़े शातिर किस्म के हैं। पुलिस से बचने के लिए फर्जी तरीके से मीडिया के आईकार्ड बनवा रखे थे। पुलिस रोकती थी तो कहते थे कि मैं पत्रकार हूं। इस वजह से पुलिस भी उन्हें नहीं पकड़ पाती थी। इस बार उनकी चालाकी नहीं चली और वह पुलिस के शिकंजे में आ गए।