स्कूलों से व्यवस्था करने के लिए कहा था
शासन की नाराजगी के बाद जेसीपी पीयूष मोर्डिया ने दो दिन पहले शहर के सभी स्कूलों को पत्र लिखकर छुट्टी के वक्त बाहर ट्रैफिक जाम लगने से रोकने की व्यवस्था करने के लिए कहा था। वहीं, मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब ने भी बृहस्पतिवार को स्कूलों को तीन दिन में हालात ठीक करने और जरूरी स्टाफ लगाकर जाम से निपटने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद शनिवार को यह बड़ी लापरवाही सामने आ गई। उधर, जेसीपी का पत्र मिलने के बाद कई स्कूलों ने गार्डों को लगाया, लेकिन अभिभावक उनकी सुन नहीं रहे हैं। स्कूलों ने बताया कि गार्ड वाहन सड़क से हटाने के लिए कहते हैं तो अभिभावक बोल देते हैं, बच्चा आने ही वाला है। उसे लेकर तुरंत निकल जाएंगे। इसके बाद वाहन नहीं हटाते हैं।
जाम में फंसे लोगों ने बयां किया दर्द
जयपुरिया स्कूल के बाहर छुट्टी के वक्त लगे जाम से कई राहगीरों को भी परेशानी उठानी पड़ी। समीर सिंह का कहना था कि ट्रैफिक पुलिस स्कूलों के पास से डायवर्जन की व्यवस्था करे। इससे जाम कम हो सकता है। वहीं, संजीव मिश्रा ने कहा कि पुलिस की ओर से सख्ती करने पर ही लोग सुधरेंगे। शोहित अग्रवाल ने कहा कि आए दिन जाम झेलना पड़ता है। इस समस्या से ट्रैफिक विभाग ही निजात दिला सकता है। इसके लिए उसे सख्त कदम उठाना चाहिए।
...और डीसीपी ट्रैफिक की सुनिए
मौके पर टीआई तैनात था। ट्रैफिक लगने की बात सामने नहीं आई है। स्कूलों से बातकर पार्किंग व्यवस्था दुरुस्त करवाने की बात चल रही है। स्कूलों की छुट्टी के समय यातायात व्यवस्था सुधारने पर काम किया जा रहा है।- सुभाष चंद्र शाक्य, डीसीपी ट्रैफिक