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Lucknow News: ब्रेन स्ट्रोक के मरीज के लिए चार घंटे अहम

Fri, 16 May 2025 02:27 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
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लखनऊ। ब्रेन स्ट्रोक होने पर मरीज को गोल्डन ऑवर्स में इलाज मिल जाना चाहिए। इससे मरीज की जान व स्ट्रोक की परेशानी से बचा सकते हैं। ब्रेन स्ट्रोक के मरीजों के लिए शुरूआती चार घंटे अहम होते हैं। दूरदराज के मरीजों को समय पर इलाज मिलने में दिक्कत आ रही है। यह जानकारी लोहिया संस्थान में न्यूरोलॉजी विभाग के डॉ. दिनकर कुलश्रेष्ठ ने दी। वह शुक्रवार को लोहिया संस्थान प्रेक्षागृह में ब्रेन स्ट्रोक पर हुई कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।
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डॉ. दिनकर कुलश्रेष्ठ ने कहा कि ब्रेन स्ट्रोक मरीज का जल्द से जल्द सीटी स्कैन होना चाहिए। समय से जांच के बाद साढ़े चार घंटे में स्ट्रोक मरीज को इंजेक्शन लगा दिया जाए तो खून का थक्का गल जाता है, जिससे मरीज की जान बचाई जा सकती है। वह पहले की तरफ सामान्य जीवन भी काफी हद तक जी सकता है। चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने कहा कि ब्रेन स्ट्रोक मरीजों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने के लिए हब एंड स्पोक मॉडल तैयार किया गया है। इसमें जिला अस्पताल में तैनात डॉक्टर, नर्सिंग व पैरामेडिकल स्टाफ को प्रशिक्षण दिया जाएगा।



उन्हें ब्रेन स्ट्रोक के लक्षण पहचानने के तरीके बताए जाएंगे। इलाज की बारीकियां बताई जांएगी। उन्होंने बताया कि लखनऊ के अधीन छह जिलों को रखा गया है। यहां के डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ को प्रशिक्षण दिया जाएग। सीएमएस डॉ. एके सिंह ने बताया कि मरीज के चेहरे का झुकाव, हाथ की कमजोरी, बोलने में कठिनाई हो तो तुरंत सीटी स्कैन कराना चाहिए। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. आरपी सुमन ने कहा कि समय पर इलाज से स्ट्रोक के मरीज को दिव्यांग होने से बचा सकते हैं।
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