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350 किमी. का सफर कर लखनऊ जू पहुंचे चारों शावक

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पीलीभीत में मृत मिली बाघिन के चारों शावक 350 किमी. का सफर कर बृहस्पतिवार को लखनऊ जू पहुंच गए। जहां उन्हें 72 घंटे की कड़ी निगरानी में रखा गया है।
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इसके बाद उनका मेडिकल टेस्ट होगा। शावक अभी तीन महीने के हैं, पहले दिन खाने में मीट के टुकड़े दिए गए। वे 12 दिन से अपनी मां से बिछड़े हुए थे।
मालूम हो कि बीती रविवार को पीलीभीत में एक बाघिन का शव मिला था। जिसके शिकार होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, इसकी जांच आईवीआरआई बरेली की टीम कर रही है।
पर, गत बुधवार को वन विभाग व ग्रामीणों ने मिलकर बाघिन के चारों शावकों को तलाश लिया था। इसके बाद रात में ही उन्हें नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान के लिए रवाना कर दिया।
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नन्हें शावक बृहस्पतिवार सुबह लखनऊ जू पहुंचे। जहां उन्हें परिसर में ही बने वन्यजीव चिकित्सालय में रखा गया है।
चिकित्सकों की टीम उनकी निगरानी कर रही है। उनके व्यवहार को देखा जा रहा है। 72 घंटे के ऑब्जर्वेशन के बाद उनका मेडिकल किया जाएगा।
मां के वियोग में बेचैन रहे शावक
मां से बिछड़े चारों शावकों का पहला दिन जू में बेचैनी भरा रहा। हालांकि, जू प्रशासन निगरानी में लगा हुआ था। उन्हें खाने के लिए मीट के टुकड़े दिए गए। पर, चारों शावक मुंह लटकाए पड़े रहे। वह बाड़े में ज्यादा मूवमेंट नहीं कर रहे थे। चिकित्सकों ने उनकी सेहत को बिल्कुल ठीक बताया है।
जू प्रशासन की मुराद हुई पूरी
सूत्र बताते हैं कि अगर गोरखपुर का प्राणि उद्यान बनकर तैयार हो गया होता तो इन्हें वहीं ले जाया गया होता। पर, उसके अधूरे होने की वजह से जू प्रशासन की मुराद पूरी हो गई।
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दो दशक का खालीपन हुआ दूर
नवाब वाजिद अली प्राणि उद्यान में रॉयल बंगाल टाइगर का कुनबा पिछले दो दशक से भी अधिक समय से खाली था। फिलहाल चिड़ियाघर में दस टाइगर हैं, इसमें सात रॉयल बंगाल टाइगर हैं। लेकिन इनके शावक नहीं हैं। ऐसे में जू में चल रहे इस खालीपन को चारों शावकों ने दूर कर दिया। अब जू में कुल बाघों की संख्या 14 हो गई है।
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