ऊंचाहार (रायबरेली)। वंदेभारत एक्सप्रेस पर प्रतापगढ़ जिले के परियावां स्टेशन के निकट पत्थर फेंके जाने की घटना के मामले में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने 10 से 12 साल के चार बालकों की पहचान की है। ये बच्चे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चिह्नित किए गए हैं। आरपीएफ ने दावा किया है कि सीसीटीवी फुटेज में चारों बच्चे घटना वाले दिन ट्रेन के पास नजर आए थे, उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। बच्चों को उनके परिवारीजनों की सुपुर्दगी में दिया गया है। जल्द ही किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया जाएगा।
प्रयागराज से रायबरेली-लखनऊ होते हुए गोरखपुर जाने वाली वंदेभारत एक्सप्रेस पर बीती 20 मार्च को पत्थर फेंका गया था। इससे कोच का शीशा चटक गया था। घटना प्रतापगढ़ जिले के परियावां स्टेशन के निकट घटी थी। सीसीटीवी फुटेज में घटनास्थल की सही जानकारी होने के बाद ऊंचाहार आरपीएफ ने सात अप्रैल को केस दर्ज कर छानबीन शुरू की। फुटेज में देखा गया कि वंदेभारत ट्रेन परियावां रेलवे क्राॅसिंग पार करके अरखा स्टेशन की तरफ बढ़ी, तभी रेल लाइन के किनारे खड़े चार बच्चों ने उस पर पत्थर फेंके।
सीसीटीवी फुटेज में दिखे चारों बच्चों की तलाश में आरपीएफ कई दिन से छापा मार रही थी। अब चारों बच्चों को चिह्नित कर लिया गया है, जिन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
आरपीएफ प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चार बच्चे चिह्नित किए गए हैं, जो प्रतापगढ़ जिले के नवाबगंज थाना क्षेत्र के पाइकगंज निवासी हैं। इनमें दो बच्चे सगे भाई हैं। इन्हीं चारों बच्चों ने ट्रेन पर पत्थर फेंका था।