बच्चों का हाल लेने अस्पताल गए डिप्टी सीएम।
- फोटो : अमर उजाला।
निर्वाण संस्था के चार मानसिक मंदित बच्चों की मौत और अन्य के बीमार होने का कारण पीने का गंदा पानी है। मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब ने बृहस्पतिवार को आश्रयगृह का निरीक्षण करने के दौरान ऐसी आशंका जताई है। जांच के लिए खाद्य पदार्थों के साथ पानी का सैंपल भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट हो जाएगा कि संक्रमण की असल वजह क्या थी।
निर्वाण आश्रय गृह के करीब 70 बच्चे 23 मार्च की रात अचानक बीमार पड़ गए थे। इनमें से 24 गंभीर थे। जिनमें से चार की जान चली गई। चूंकि खाना खाने के कुछ ही देर बाद एक साथ तबीयत बिगड़ने के पीछे बड़ा कारण है। डीएम विशाख जी ने बताया कि एफएसडीए की टीम ने कुल 18 खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए भेजे हैं। पानी की भी जांच कराई जा रही है। मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब ने बताया कि कुछ तथ्य ऐसे सामने आए हैं, जिससे आशंका है कि पीने के पानी की वजह से बच्चे संक्रमित हुए हैं। फिलहाल अब पुष्ट कारण जाने के लिए नमूनों की जांच रिपोर्ट आने का इंतजार है। दो से तीन दिन में रिपोर्ट आ सकती है। उधर मंडलायुक्त और डीएम के साथ ही महिला कल्याण एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव लीना चौहरी ने भी आश्रय गृह का निरीक्षण किया। बच्चों का हालचाल जाना। सभी अस्पताल भी गए थे।