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निर्वाण संस्था में चार बच्चों की मौत: संक्रमित पानी पीने से मौतों की आशंका, लापरवाही से गईं जानें

Fri, 28 Mar 2025 07:28 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला, सिटी रिपोर्टर, लखनऊ

सार

Four child died in Nirvana Sanstha: निर्वाण आश्रय गृह के करीब 70 बच्चे 23 मार्च की रात अचानक बीमार पड़ गए थे। इनमें से 24 गंभीर थे। जिनमें से चार की जान चली गई।
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बच्चों का हाल लेने अस्पताल गए डिप्टी सीएम। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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 निर्वाण संस्था के चार मानसिक मंदित बच्चों की मौत और अन्य के बीमार होने का कारण पीने का गंदा पानी है। मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब ने बृहस्पतिवार को आश्रयगृह का निरीक्षण करने के दौरान ऐसी आशंका जताई है। जांच के लिए खाद्य पदार्थों के साथ पानी का सैंपल भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट हो जाएगा कि संक्रमण की असल वजह क्या थी।

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निर्वाण आश्रय गृह के करीब 70 बच्चे 23 मार्च की रात अचानक बीमार पड़ गए थे। इनमें से 24 गंभीर थे। जिनमें से चार की जान चली गई। चूंकि खाना खाने के कुछ ही देर बाद एक साथ तबीयत बिगड़ने के पीछे बड़ा कारण है। डीएम विशाख जी ने बताया कि एफएसडीए की टीम ने कुल 18 खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए भेजे हैं। पानी की भी जांच कराई जा रही है। मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब ने बताया कि कुछ तथ्य ऐसे सामने आए हैं, जिससे आशंका है कि पीने के पानी की वजह से बच्चे संक्रमित हुए हैं। फिलहाल अब पुष्ट कारण जाने के लिए नमूनों की जांच रिपोर्ट आने का इंतजार है। दो से तीन दिन में रिपोर्ट आ सकती है। उधर मंडलायुक्त और डीएम के साथ ही महिला कल्याण एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव लीना चौहरी ने भी आश्रय गृह का निरीक्षण किया। बच्चों का हालचाल जाना। सभी अस्पताल भी गए थे।

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जान जाने के बाद ली सुधि

संस्था की तरफ से अफसरों को कई बार पत्र लिखा गया कि परिसर गहराई में बना है। जिससे सीवर ओवरफ्लो होता है। खासकर बारिश के दौरान। यही नहीं उससे पीने के पानी भी प्रभावित होता है लेकिन किसी ने सुनवाई नहीं की। अब नया प्यूरीफायर लगाया गया है। नई बोरिंग भी कराई जा रही है।

सुविधा के लिए सुधार शुरू
डीएम ने बताया कि आश्रय गृह का निरीक्षण पीडीब्ल्यूडी की टीम ने किया है। टीम की रिपोर्ट के आधार पर तय किया गया है कि वहां एक एसटीपी बनाया जाएगा। इसका प्रस्ताव शासन को भेजा जा रहा है। इसके साथ ही जो भी फूड आइटम वहां थे उनको हटाकर नया स्टाक दिया गया है। अन्य जो भी खामियां हैं उनको दूर किया जा रहा है।

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