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घोटाला : घपलेबाजों ने कौड़ियों के दाम बेंच दिया बिजली विभाग का सामान, चार गिरफ्तार

Wed, 20 Jun 2018 02:00 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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एसटीएफ ने बिजली विभाग का सामान निजी ठेकेदारों को कौड़ियों के भाव में बेचने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। यह सामान कानपुर के पनकी में विद्युतीकरण योजना के लिए आया था। इस मामले में कुछ जूनियर इंजीनियर और स्टोर कीपर की मिलीभगत की जांच की जा रही है।

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एसटीएफ को बिजली विभाग का सामान बाजार में पहुंचने की जानकारी मिली थी। इस पर एसटीएफ के एसएसपी अभिषेक सिंह ने मामले की जांच एएसपी अरविंद चतुर्वेदी को सौंपी थी। अरविंद चतुर्वेदी ने बताया कि स्टोर कीपर से मिलीभगत कर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी विद्युतीकरण योजना में पलीता लगाया जा रहा है।

सीओ अमित नागर और इंस्पेक्टर विमल गौतम की टीम ने कानपुर के पनकी से ब्रह्म देव चौबे, राजकुमार शुक्ला, अशोक कुमार और प्रेम बाबू गुप्ता को गिरफ्तार किया है। इनकी निशानदेही पर 25 केवीए के तीन ट्रांसफार्मर, 78,000 मीटर विजल कंडक्टर, 25,000 मीटर एरियल बंच कंडक्टर, 1.5 टन जीआई वायर, 1600 किलो स्टे वायर समेत अन्य सामान बरामद किया गया है।
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दिल्ली के ठेकेदारों को बेचते थे सामान
पावर कॉर्पोरेशन के मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के स्टोर कर्मियों की मदद से ये यह माल चोरी कर दिल्ली के निजी ठेकेदारों और बिल्डरों को बेचा जा रहा था। बिजली विभाग को जो स्टील पोल 7000 रुपये का मिलता है वही पोल मार्केट में 18000 रुपये में है। इसी तरह 25 केवीए के ट्रांसफर पर 50 हजार रुपये का मार्जिन है। इन सामानों को औने पौने दामों में बेचकर सरकार को बड़ी चपत लगाई जा रही थी।

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दो और गोदामों की मिली जानकारी

- फोटो : amar ujala
आईजी एसटीएफ अमिताभ यश ने बताया कि इसी तरह के दो और गोदाम के बारे में जानकारी हुई है, जिन्हें खोलने के लिए फोर्स की मांग की गई है। सिपाही भर्ती परीक्षा के कारण फोर्स उपलब्ध न होने के कारण अभी गोदाम को नहीं खोला जा सका है।

फर्जी फर्म के नाम ई-वे बिल
नई व्यवस्था के तहत परिवहन के लिए ई-वे बिल की जरूरत होती है। इसके लिये आरोपियों ने कानपुर में बालाजी इंटरप्राइजेज नाम की फर्म का रजिस्ट्रेशन कराया था। टैक्स इनवाइस तैयार कर फर्म से ई-वे बिल बनाए जाते थे।
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