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क्रिकेट मैच में सट्टा लगाने वाले चार दबोचे गए, 23 लाख रुपये बरामद

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लखनऊ। गोमतीनगर विस्तार व डीसीपी पूर्वी की क्राइम ब्रांच की टीम ने एक ऐेसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो क्रिकेट मैच में लाखों रुपये का सट्टा लगवाता था। इस गिरोह के चार सदस्य पुलिस के हत्थे चढ़े हैं। उनके पास से पुलिस ने भारतीय व नेपाली मुद्रा के साथा एक फार्च्यूनर गाड़ी, लैपटॉप व मोबाइल बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपी मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए लिंक भेजकर लोगाें से ठगी भी कर रहे थे। गिरोह का मास्टर माइंड कोचिंग संचालक है। इस गिरोह ने इंग्लैंड-श्रीलंका के बीच हो रहे टेस्ट मैच में सट्टा लगवाया था।
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डीसीपी पूर्वी संजीव सुमन के मुताबिक, गोमतीनगर विस्तार केप्रभारी निरीक्षक अखिलेश चंद्र पांडेय की टीम ने सोमवार को सट्टा लगाए जाने की सूचना मिली, जिस पर पुलिस टीम ने छापा मारा। इस दौरान मौके से पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए सट्टेबाजों में कानपुर काकादेव शास्त्रीनगर का मयंक सिंह, दुर्गा सिंह, गल्लामंडी विजयनगर का आकाश गोयल और हजरतगंज के महात्मागांधी मार्ग का रहने वाला शमशाद अहमद शामिल हैं। पुलिस ने इस गिरोह के पास से 23 लाख भारतीय मुद्रा, 8030 रुपये नेपाली मुद्रा, सट्टे की रकम से खरीदी गई एक फार्च्यूनर, एक लैपटॉप, दो आईफोन, 5 एंड्रायड मोबाइल, दो मोबाइल फोन कीपैड, एक कैल्कुलेटर, एक डायरी व कई पर्चिंयां बरामद की हैं।
मोबाइल एप्लीकेशन से करते थे ठगी
प्रभारी निरीक्षक गोमतीनगर विस्तार अखिलेश चंद्र पांडेय के मुताबिक, पकड़े गए चारों सट्टे पर रकम लगाने वालों से ठगी भी करते थे। उनके रुपये लगने के बाद मनमर्जी से जीतने व हारने वाला का नाम तय करते थे। इसकेलिए मोबाइल एप्लीकेशन का प्रयोग करते थे। इसके जरिए एक लिंक भेजकर प्वाइंट सेट करते थे। इससे धोखा देकर लेनदेन किया जाता था। फर्जी नाम से बनाई गई आईडी से मोबाइल एप्लीकेशन साइट हैक कर तत्कालिक परिणाम को छिपाकर लोगों को धोखा देकर उनसे हार-जीत व स्कोर पर बाजी लगवाई जाती थी। सोमवार को इंग्लैंड व श्रीलंका के बीच चल रहे टेस्ट मैच पर सट्टा खेला जा रहा था। इससे पहले आईपीएल और बिग बैश लीग पर भी सटोरियों ने लाखों रुपये लगवाए थे।
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कोचिंग संचालक है मास्टर माइंड
प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक, इस गिरोह का मास्टर माइंड एक कोचिंग संचालक है। पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया है। हजरतगंज इलाके में रहने वाला शमशाद अहमद कोचिंग चलाता है। उसके पास ही सट्टे की रकम से खरीदी गई फार्च्यूनर रहती थी। वह लखनऊ से कानपुर तक इसी से सट्टा लगवाने केलिए आता-जाता था। पुलिस इस गिरोह से जुड़े कुछ अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।
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