लखनऊ। होम्योपैथिक डॉक्टर सुरेंद्र कुमार को अगवा कर सात लाख रुपये वसूलने वाले चार आरोपियों को यूपी एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है। कर्ज से परेशान होकर आरोपियों ने रुपयों के लिए डॉक्टर का अपहरण किया था। घटना में शामिल एक आरोपी डॉक्टर का पूर्व किरायेदार है।
एसटीएफ के एएसपी विशाल विक्रम सिंह ने बताया कि मामले में पुलिस व एसटीएफ की टीम काम कर रही थी। सर्विलांस और फुटेज की मदद से बीती रात एसटीएफ की टीम ने बीबीडी गोयल हाइट अपार्टमेंट के पास से चार आरोपियों को पकड़ा। इनमें गोंडा के छपिया नेवादा सुकुवारपुर निवासी रामबाबू, बस्ती के परशुरामपुर मुकुंदपुर मंदुला निवासी राजन कुमार, गोंडा के खोड़ारे मझउवा केशवनगर निवासी अमित कुमार और बस्ती पैकोलिया लोहरौली जीतीपुर निवासी राज कुमार है। आरोपियों के पास से डॉक्टर से वसूले गए 1.13 लाख रुपये, उनकी कार (यूपी 32 ईबी 9163), चार मोबाइल और आधार कार्ड बरामद किया।
कर्ज से परेशान होकर किया था अपहरण
घटना का मास्टरमाइंड राम बाबू वर्मा है। पूछताछ में उसने बताया कि इंटर पास करने के बाद वर्ष 2021 में साकेत काॅलेज अयोध्या से डी-फार्मा कोर्स किया है। उसी समय डी-फार्मा करने वाले आरोपी राजन कुमार से दोस्ती हो गई थी। राजन मटियारी में दोस्त अमित कुमार व राज कुमार यादव के साथ गुरुकुल हॉस्टल में किराये का कमरा लेकर रह रहा था। राम बाबू वर्मा की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर थी। उसने राजन कुमार को बताया था कि काफी कर्ज हो गया है, कुछ काम बताओ। राजन ने राम बाबू को डॉ. सुरेंद्र के बारे में पूरी जानकारी दी। बताया कि वह पहले उनके मकान में किराये पर रहता था। अगर डॉक्टर का अपहरण कर लिया जाए तो वह 40 से 50 लाख रुपये फिरौती मिल जाएगी।
डॉक्टर को अगवा कर अयोध्या, गोंडा व बस्ती ले गए थे
राजन से मिली जानकारी के बाद राम बाबू ने डॉक्टर के अपहरण की साजिश रची। इसके तहत अमित कुमार वर्मा, राज कुमार यादव व राजन आठ दिसंबर को बच्चों के दाखिले के लिए डॉ. सुरेंद्र से मिले और फिर बच्चों के पेपर देने के बहाने से बीबीडी स्थित अयोध्या हाईवे बुलाकर उनको उनकी ही कार से अगवा कर अयोध्या, गोंडा और बस्ती ले गए। असलहे के बल पर डॉक्टर को धमका कर सात लाख रुपये ऐंठ लिए और फिर 10 दिसंबर की देर रात लखनऊ छोड़ गए। एसटीएफ के अनुसार आरोपी राज कुमार यादव के पहले से गोंडा, बस्ती व अयोध्या में आधा दर्जन से ज्यादा गंभीर अपराधों के मामले दर्ज हैं।