बाराबंकी। लखनऊ के बीकेटी थाना क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटर की हत्या उसकी पत्नी और बेटी ने की थी। पुलिस का कहना है कि मां और बेटी ने पहले हिस्ट्रीशीटर जगतपाल को खाने में नशीली गोली खिलाई ओर फिर ईंट, पेपर कटर और पेचकश से मार कर उसकी हत्या कर दी। शव ठिकाने लगाने के लिए शिवम और कुणाल उसी की एसयूवी से लेकर जा रहे थे।
जैदपुर थाना क्षेत्र के पाटमऊ गांव के निकट गाड़ी गड्ढे में फंस जाने के कारण वह लोग शव एसयूवी में वहीं छोड़कर भाग निकले। क्राइम ब्रांच व जैदपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने 48 घंटे में ही आरोपी पत्नी-बेटी व उसके दो दोस्तों को गिरफ्तार कर धारदार हथियार भी बरामद कर लिए हैं।
एएसपी उत्तरी पूर्णेंदु सिंह ने बृहस्पतिवार को पुलिस लाइन में बताया कि दो दिन पहले जैदपुर थाने के पाटमऊ गांव के बाहर नहर पटरी पर एक एसयूवी में शव मिला था। इसकी पहचान लखनऊ के बीकेटी थाना क्षेत्र के रुदही निवासी प्रॉपर्टी डीलर जगतपाल के रूप में हुई थी। पत्नी पिंकी की तहरीर पर जैदपुर थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया था।
एएसपी ने बताया कि स्वाट-सर्विलांस व जैदपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने हत्या की घटना में शामिल लखनऊ के इंदिरानगर तकरोही निवासी शिवम व कुणाल शर्मा तथा मृतका की पत्नी पिंकी व नाबालिग बेटी को हिरासत में लेकर अलग-अलग पूछताछ की तो सच सामने आ गया। इस पर मृतक के घर से ही हत्या में प्रयुक्त पेपर कटर, पेचकश, ईंट, सोफा, तकिया का कवर व मोबाइल बरामद कर लिया गया।
एएसपी के मुताबिक, मृतक की पत्नी ने बताया कि जगतपाल बख्शी का तालाब थाने का हिस्ट्रीशीटर था। वह रोजाना उसकी व बेटी की पिटाई करता था। रोज-रोज के उत्पीड़न से तंग आकर उसने बेटी के दो दोस्तों के साथ मिलकर जगतपाल की हत्या की योजना बनाई। सोमवार रात पहले पति को खाने में नींद की गोली मिलाकर दी। इससे वह सोफे पर ही सो गया।
इसकी सूचना मोबाइल पर चैटिंग के जरिए बेटी ने अपने दोस्त शिवम को दी। इस पर रात में शिवम साथी कुणाल के साथ उसके घर पहुंचा। जहां चारों ने मिलकर जगतपाल की सोफे पर ही ईंट, पेपर कटर व पेचकश से नृशंस हत्या कर दी। इसके बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए शिवम व कुणाल एसयूवी में रखकर जा रहे थे।
इसी दौरान जैदपुर थाने के पाटमऊ गांव के बाहर नहर पटरी पर गाड़ी का पहिया फंसने व सुबह हो जाने के चलते शव गाड़ी में ही छोड़कर दोनों भाग गये थे। इस हत्याकांड में पत्नी समेत तीन आरोपियों को जेल व नाबालिग होने के कारण आरोपी बेटी को बाल संरक्षण गृह भेजा गया है। एएसपी ने इस खुलासे के लिए सीओ सदर नवीन सिंह के नेतृत्व वाली क्राइम ब्रांच के दरोगा करुणेश पाण्डेय व विजय बहादुर पाण्डेय तथा प्रभारी निरीक्षक धीरेंद्र कुमार सिंह की टीम की सराहना की।
बीकेटी थाने व 1090 पर दर्ज है पारिवारिक विवाद का मामला
हिस्ट्रीशीटर जगतपाल का पारिवारिक विवाद काफी पुराना है। पत्नी व बेटी ने इसकी शिकायत 1090 पर की थी। बख्शी का तालाब थाने में इसका केस भी दर्ज है। जगतपाल की हाईस्कूल में पढ़ने वाली बेटी की सोशल मीडिया पर तकरोही निवासी शिवम से दोस्ती हो गई। इसकी जानकारी गत वर्ष जगतपाल को हुई तो उसने बेटी का एडमिशन 11वीं में कराने के बजाय पढ़ाई छोड़वा दी।
अपनों ने ही कर दिया रिश्तों का कत्ल
बताते हैं कि जगतपाल आपराधिक प्रवृत्ति का होने के कारण उसका घर में भी आतंक था। पत्नी और बेटी की अक्सर पिटाई करता था। जब उसे पता चला कि बेटी का संबंध किसी शिवम नाम के लड़के से हो गया है। तो उसने पढ़ाई ही नहीं बंद कराई बल्कि मां-बेटी की सांठगांठ समझकर दोनों पर कड़ा पहरा लगा दिया।
इसे लेकर आएदिन घर में झगड़ा होता था। मामला कई बार पुलिस तक पहुंचा। आजिज आकर बेटी ने मां को समझा-बुझाकर हत्या करने के लिए तैयार कर लिया और नशे की गोली देने के बाद अपने प्रेमी और उसके साथी को बुलाकर घटना को अंजाम ही नहीं दिया बल्कि रिश्तों का कत्ल कर डाला।