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नौकर की साथियों ने ही हत्या कर लूटे थे 2.47 करोड़

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पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी। - फोटो : ??? ?????
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कैंटोनमेंट के हाई सिक्योरिटी जोन स्थित रेलवे कॉलोनी में 26 मार्च को उत्तर रेलवे के डिप्टी चीफ इंजीनियर पुनीत कुमार के नौकर बृजमोहन की हत्या व लूटपाट का खुलासा कर पुलिस ने एक महिला समेत चार लोेगों को गिरफ्तार किया है।
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आरोपियों के पास से इंजीनियर के घर से लूटे गए 2.47 करोड़ में से 70 लाख की नकदी भी बरामद कर ली है।
खास बात ये है कि इंजीनियर के घर में मोटी रकम रखी होने की जानकारी होने पर नौकर बृजमोहन ने ही अपने भांजे संग मिलकर लूटपाट की साजिश रची थी।
पूरी रकम हड़पने या फिर पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने बृजमोहन की हत्या कर दी थी। वहीं, वारदात के बाद पुनीत ने करीब 15-20 लाख रुपये व गहने की लूट होने की जानकारी दी थी।
अब खुलासा होने के बाद यह जांच का विषय है कि आखिर इंजीनियर के पास इतनी मोटी रकम कहां से आई।
फिरोजाबाद के कोल्हा माई निवासी बृजमोहन (32) रेलवे में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी था। वह चार साल से कैंट की रेलवे कॉलोनी निवासी उत्तर रेलवे के डिप्टी चीफ इंजीनियर पुनीत कुमार के यहां काम कर रहा था।
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26 मार्च की दोपहर पुनीत के घर में नौकर बृजमोहन की हत्या व लूटपाट की वारदात हुई थी। पुलिस अधिकारियों ने डॉग स्क्वॉयड व फोरेंसिक टीम के साथ छानबीन शुरू की थी।
घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, बृजमोहन के मोबाइल की कॉल डिटेल के जरिए छानबीन कर पुलिस ने एक महिला समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर बुधवार को वारदात का खुलासा कर दिया।
जेसीपी (क्राइम) नीलाब्जा चौधरी ने बताया कि मामले में तीरथ कुमार उर्फ मंजीत निवासी दीवानी रोड मौसमबाग, ऊंची कोठी थाना कोतवाली मैनपुरी, तीरथ की पत्नी निशा, मोहन सिंह और उदयराज उर्फ उदयवीर निवासी राधानगर, थाना कोतवाली, मैनपुरी को गिरफ्तार किया है।
जमीन और गमलों में गाड़कर रखी थी रकम
आरोपियों ने अपने-अपने घर में जमीन और गमलों में गाड़कर रकम रखी थी। आरोपियों के पास से पुनीत के घर से लूटी गई रकम के 70 लाख रुपये बरामद हुए हैं। जेसीपी ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में बताया कि बृजमोहन ने ही इंजीनियर के घर में मोटी रकम रखी होने की जानकारी पर अपने भांजे बहादुर निवासी कोलामई मटसैना, फीरोजाबाद संग मिलकर लूटपाट की साजिश रची थी।
ऐसे अंजाम दी वारदात
जेसीपी (क्राइम) नीलाब्जा चौधरी ने बताया कि 26 मार्च को बहादुर अपने साथी मैनपुरी के थाना कोतवाली भोजपुरा निवासी अजय उर्फ रिंकू, तीरथ उर्फ मंजीत व एक अन्य अज्ञात साथी के साथ टैक्सी बुक करके लखनऊ आया था। दोपहर करीब डेढ़ बजे चारों लोग पुनीत के घर पहुंचे। मंजीत निगरानी करने के लिए सीढ़ियों पर रुक गया। जबकि बहादुर, अजय व एक अज्ञात साथी भीतर चले गए। उस वक्त पुनीत के मामा व सहारनपुर निवासी चंद्रमान एक कमरे में टीवी पर क्रिकेट मैच देख रहे थे। आरोपियों ने उनके कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया। इसके बाद बृजमोहन के साथ बहादुर व उसके दोनों साथियों ने बेडरूम में जाकर अलमारियाें में रखे करीब दो करोड़ 47 लाख रुपये कैश व गहने निकाल लिए। घर में लूटपाट की वारदात प्रतीत हो, इस वजह से बृजमोहन ने इन लोगों से कहा कि उसके हाथ-पैर बांध दें। इस पर बहादुर व उसके साथियों ने कुर्सी पर बृजमोहन को बैठाकर उसके हाथ-पैर बांध दिए। फिर पकड़े जाने के डर या फिर पूरी रकम हड़पने के इरादे से तीनों ने हीटर के तार से उसका गला घोंटा और चाकू से रेतकर बृजमोहन की हत्या कर भाग गए।
मैनपुरी जाकर किया रकम का बंटवारा
एडीसीपी पूर्वी एसएम कासिम आब्दी ने बताया कि वारदात के बाद चारों आरोपी किराए की जिस कार से आए थे, उसी से मैनपुरी चले गए। वहां ये लोग उदयराज उर्फ उदयवीर की कपड़े की दुकान पर गए और वहीं खून से सने कपड़े भी बदले। इसके बाद लूटी गई रकम का बैग मोहन सिंह के घर पर रखवा दिया। बाद में वहीं जाकर रकम का बंटवारा किया गया।
कॉल डिटेल व सीसीटीवी फुटेज से मिली मदद
पुलिस ने बृजमोहन के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली तो उसमें भांजे बहादुर से कई बार बातचीत होने का पता चला। साथ ही घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों से पुलिस को उस टैक्सी कार का नंबर भी पता चल गया, जिससे आरोपी लखनऊ आए थे। इसी के सहारे छानबीन करते हुए पुलिस ने वारदात का खुलासा किया।
इंजीनियर के पास कैसे आई इतनी मोटी रकम
जेसीपी ने बताया कि वारदात के बाद उन्होंने रेलवे के डिप्टी चीफ इंजीनियर पुनीत कुमार से पूछताछ की थी। इस पर पुनीत ने करीब 15-20 लाख रुपये व गहने की लूट होने की जानकारी दी थी। मगर वारदात के खुलासे में 2.47 करोड़ रुपये की लूट की जानकारी होने व 70 लाख की बरामदगी पर सवाल ये उठ रहा है कि पुनीत के पास आखिर इतनी मोटी रकम कहां से आई और उन्होंने पुलिस से सिर्फ 15-20 लाख रुपये की ही लूट की बात क्यों कही? इस बारे में डीसीपी पूर्वी संजीव सुमन का कहना है कि पूरे मामले से रेलवे के उच्चाधिकारियों व आयकर विभाग को अवगत कराया जाएगा।
नौकरी दिलाने के बदले मिला धोखा
बृजमोहन रेलवे में छह साल से चतुर्थ श्रेणी अस्थायी कर्मचारी था। अक्सर ड्यूटी से नदारद रहने के कारण रेलवे ने उसे स्थायी नहीं किया था। वह चार साल से पुनीत के घर में काम कर रहा था। इस वजह से पुनीत ने ही लॉकडाउन के दौरान सिफारिश करके बृजमोहन को रेलवे में स्थायी कराया था। मगर बृजमोहन ने पुनीत के घर में लूटपाट की साजिश रचकर उन्हें धोखा दिया था।
मुख्य आरोपियों की तलाश
जेसीपी क्राइम ने बताया कि पकड़ा गया तीरथ कुमार उर्फ मंजीत वारदात के वक्त सीढ़ियों पर निगरानी कर रहा था। उसे सिर्फ लूटपाट की जानकारी थी। वहीं, उदयराज उर्फ उदयवीर की दुकान पर आरोपियों ने कपड़े बदले थे और उसे भी लूट की रकम से कुछ हिस्सा दिया था। इसी वजह से उदयराज को गिरफ्तार किया गया। वहीं, मोहन सिंह और मंजीत की पत्नी निशा ने अपने घर में लूट की रकम छिपाई थी, इस वजह से इन दोनों को भी पकड़ा गया है। बृजमोहन की हत्या उसके भांजे बहादुर, उसके साथी अजय उर्फ रिंकू व एक अज्ञात साथी ने ही की थी। ये तीनों मुख्य अभियुक्त फरार हैं, इनकी तलाश में दबिश दी जा रही है। अजय उर्फ रिंकू मैनपुरी जिले के विकास भवन में लिपिक पद पर तैनात है।
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