पैसे लेकर फर्जी दस्तावेजों के सहारे पासपोर्ट बनवाने तथा ईसीएनआर (इमीग्रेशनन चेक नॉट रिक्वायर्ड) श्रेणी में बदलवाने के दोषियों को 3-3 साल के कठोर कारावास और 4-4 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
भ्रष्टाचार निवारण के विशेष न्यायाधीश मुकेश कुमार सिंह ने शनिवार को दोषियों मो. मारूफ, राजा सरदार उर्फ कुलविंदर सिंह, जावेद नकवी और अरमान खान के खिलाफ ये फैसला सुनाया। कोर्ट में इसी मामले में सहायक पासपोर्ट अधिकारी लखनऊ सुधाकर रस्तोगी को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
अभियोजन ने कोर्ट को बताया कि एटीएस के इंस्पेक्टर सुनील कुमार सिंह की ओर से 25 मार्च 2017 को दर्ज कराई गई रिपोर्ट में बताया गया था कि क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालयों लखनऊ, गोरखपुर, कानपुर और वाराणसी में फर्जी दस्तावेजों के सहारे पासपोर्ट बनवाने वाले गिरोह सक्रिय हैं।