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फर्जी दस्तावेजों से पासपोर्ट बनवाकर खाड़ी देशों में भेजने वाले चार अभियुक्तों को हुई जेल

Mon, 28 Oct 2019 03:38 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : PTI
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पैसे लेकर फर्जी दस्तावेजों के सहारे पासपोर्ट बनवाने तथा ईसीएनआर (इमीग्रेशनन चेक नॉट रिक्वायर्ड) श्रेणी में बदलवाने के दोषियों को 3-3 साल के कठोर कारावास और 4-4 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। 
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भ्रष्टाचार निवारण के विशेष न्यायाधीश मुकेश कुमार सिंह ने शनिवार को दोषियों मो. मारूफ, राजा सरदार उर्फ कुलविंदर सिंह, जावेद नकवी और अरमान खान के खिलाफ ये फैसला सुनाया। कोर्ट में इसी मामले में सहायक पासपोर्ट अधिकारी लखनऊ सुधाकर रस्तोगी को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। 

अभियोजन ने कोर्ट को बताया कि एटीएस के इंस्पेक्टर सुनील कुमार सिंह की ओर से 25 मार्च 2017 को दर्ज कराई गई रिपोर्ट में बताया गया था कि क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालयों लखनऊ, गोरखपुर, कानपुर और वाराणसी में फर्जी दस्तावेजों के सहारे पासपोर्ट बनवाने वाले गिरोह सक्रिय हैं। 
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ये गिरोह इन पासपोर्टों को उन्हें देशों को भेजता है।  पासपोर्ट कार्यालय के एजेंट, अधिकारी व कर्मचारी पैसा लेकर जाली दस्तावेजों के सहारे पासपोर्ट बना रहे हैं। वहीं कुछ सामान्य पासपोर्ट को ईसीएनआर श्रेणी में तब्दील करा रहे हैं। 

एटीएस ने मामले की विवेचना के बाद 24 जन 2017 को अरमान खान, राजा सरदार, जावेद नकवी, मो. मारूफ, मो. फैसल और मो. शोएब अंसारी के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी। 10 जुलाई 2017 को सहायक पासपोर्ट अधिकारी सुधाकर रस्तोगी के खिलाफ भी चार्जशीट दायर की गई थी। 

कोर्ट में बहस के दौरान सुधाकर के वकील नितिन माथुर ने बताया कि सहायक पासपोर्ट अधिकारी को इस मामले में झूठा फंसाया गया है। अभियोजन की ओर से साक्ष्य न पेश कर पाने पर फैसल, शोएब और सुधाकर रस्तोगी को बरी कर दिया गया।
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