यूपी के सेंट्रलाइज डायल सेवा ‘यूपी 100 सेवा’ के सभी जिलों में शुरू हुए एक साल हो गए हैं। इस मौके पर यहां यूपी 100 भवन में एक समारोह का आयोजन किया गया। इसमें त्वरित कार्रवाई करने वाले पीआरवी प्रभारियों व पुलिसकर्मियों के साथ ही महत्वपूर्ण सूचना देने वाले तीन लोगों को भी सम्मानित किया गया।
इनमें एक व्यक्ति द्वारा आत्महत्या किए जाने की सूचना देने वाले लखनऊ निवासी पवन शुक्ला, अपहरण की सूचना देने वाले रायबरेली निवासी शुभम और रेलवे पटरी टूटा होने की सूचना देने वाले हरविंदर सिंह शामिल हैं। एडीजी यूपी 100 आदित्य मिश्रा ने बताया कि यूपी 100 पर आई सूचना पर तेज कार्रवाई करने में गाजियाबाद (रिस्पांस टाइम : 14.59 मिनट) को पहला स्थान, मुजफ्फरनगर (16.06 मिनट) को दूसरा स्थान व नोएडा (16.28 मिनट) तीसरा स्थान मिला।
लखीमपुर खीरी की पुलिस रिस्पांस व्हीकल (पीआरवी) 2854 को एक साल में सबसे अधिक बार पीआरवी ऑफ द डे का सम्मान मिला। यह सम्मान उसे दिया जाता है, जिसने घटनास्थल पर समय से पहुंचकर किसी की जान बचाई हो। वहीं, मुख्यालय स्तर पर अधिकारियों व कर्मचारियों को सर्वश्रेष्ठ कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र दिया गया।
यूपी 100 पर आई कुछ रोचक शिकायतें
यूपी 100
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एडीजी ने बताया कि यूपी 100 पर पहले हर दिन ढाई हजार से तीन हजार तक कॉल आती थीं, जो अब बढ़कर 12 हजार से 18 हजार हो गई हैं। यह रिस्पांस टाइम में कमी होने से संभव हो पाया है। उन्होंने कहा, अगर आप परेशानी में हैं तो बेहिचक यूपी 100 पर कॉल करें। पुलिस मौके पर पहुंचेगी और आपकी परेशानी का समाधान करने की कोशिश करेगी।
यही नहीं, रिस्पांस टाइम को और कम करने के प्रयास किए जा रहे हैं। बता दें, यूपी 100 की नींव वर्ष 2015 में तत्कालीन सीएम अखिलेश यादव ने रखी थी। सितंबर 2016 में इसकी सेवा सात जिलों से शुरू की गई। बाद में सात जनवरी 2017 को प्रदेश के सभी 75 जिलों में यह सेवा शुरू कर दी गई। यूपी 100 पर बीते एक साल में महत्वपूर्ण सूचनाओं के साथ कई रोचक शिकायतें भी आईं।
मसलन, 100 नंबर पर एक फोन आया कि मैम मैंने भैंस को बहुत मारा तो वह छत पर चढ़ गई और उतर नहीं रही है। मौके पर पुलिस भेजकर छत से भैंस उतरवाई गई। इस तरह एक कॉलर ने शिकायत की कि सुबह पत्नी से चाय मांगा तो वह नाराज हो गई और चाय नहीं दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों को समझाया और अपने सामने पत्नी के हाथों पति को चाय पिलवाई।