जिस लाल बारादरी में नवाब वाजिद अली शाह की ताजपोशी हुई थी। जहां नवाब नसीरुद्दीन हैदर व गाजीउद्दीन हैदर को जहर दिया गया था।
उसी बारादरी में संचालित राज्य ललित कला अकादमी प्रदेश के कलाकारों व कलाओं को प्रोत्साहित करने में लगी हुई है। अकादमी का शनिवार को 52वां स्थापना दिवस मना।
इस मौके सर्वोच्च पुरस्कार ‘अधिसदस्यता’ से सम्मानित 14 कलाकारों के चित्रों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी, जो आठ फरवरी तक अवलोकनार्थ खुली रहेगी।
उद्घाटन पीएसी के पुलिस महानिदेशक रंजन द्विवेदी करेंगे। अकादमी अध्यक्ष लालजीत अहीर ने बताया कि ललित कला अकादमी की स्थापना वर्ष 1962 में कला एवं शिल्प महाविद्यालय में हुई।
इसके पहले अध्यक्ष डॉ. सम्पूर्णानंद बने, लेकिन दो साल बाद जब बाढ़ आई तब अकादमी को लाल बारादरी में शिफ्ट कर दिया गया।
यहां डॉ. राधाकमल मुखर्जी अध्यक्ष बने। इतना ही नहीं वसीर अहमद, रायकृष्ण दास, अमरनाथ झा, बैरिस्टर मुकुंदी लाल, मोहम्मद जहीर जैसी शख्सियतें अकादमी के पहले सदस्य बनीं।