उन्होंने बताया कि प्रवीण कुमार गुप्ता के आगरा स्थित आवास से एक डायरी, दो मोबाइल और एक लैपटॉप बरामद हुआ है, जिसकी जांच की जा रही है। प्रवीण और सुधांशु द्विवेदी की रिमांड की मियाद पूरी हो गई है। इन दोनों को ही वापस जेल भेज दिया गया है।
वहीं सूत्रों का कहना है कि अभी तक की जांच में पीके गुप्ता के बेटे की भी संलिप्तता सामने आई है। पीके गुप्ता के बेटे अभिनव को पूछताछ के लिए उसके गाजियाबाद स्थित आवास पर नोटिस भेजा गया था, लेकिन वह नहीं मिला। बताया जा रहा है कि अभिनव फरार हो चुका है। फिलहाल ईओडब्ल्यू के अधिकारी उसे तलाश रहे हैं।
पीएनबी हाउसिंग में निवेश
जांच के दौरान एपी मिश्रा ने पूछताछ में बताया कि पीएनबी हाउसिंग में 2016 में 50-50 करोड़ रुपये के दो निवेश किए गए थे। एपी मिश्रा ने पूछताछ में एक बार फिर दोहराया कि निवेश के खेल में उनका कोई रोल नहीं था। ट्रस्ट की जिस सौदे पर हस्ताक्षर की बात की जा रही है उसमें उन्होंने बतौर विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में हस्ताक्षर किया था।
नहीं हुई थी ट्रस्ट की कोई बैठक
पूछताछ में पीके गुप्ता ने खुलासा किया है कि बोर्ड आफ ट्रस्ट की कोई बैठक 22 या 24 तारीख को हुई ही नहीं थी। बल्कि बाईसर्कुलर के जरिये डीएचएफएल में निवेश का फैसला किया गया था। इसी बाई सर्कुलर पर गुप्ता ने 22 मार्च 2017 को हस्ताक्षर किया था जबकि चेयरमैन के हस्ताक्षर 24 तारीख को हुए थे। बाद में इसे लेकर विरोधाभास हो गया था, इस लिए पीके गुप्ता ने 22 मार्च की तिथि को काटकर 24 मार्च कर दिया।
एपी मिश्रा ने कहा उनके समय में केवल 18 करोड़ का हुआ निवेश
पूछताछ के दौरान यूपीपीसीएल के पूर्व एमडी एपी मिश्रा ने कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान केवल 18 करोड़ रुपये का निवेश किया गया था। यह निवेश भी नियमों के तहत किया गया। एपी मिश्रा की रिमांड रविवार सुबह 10 बजे पूरी हो रही है। उन्हें कल सुबह वापस जेल में दाखिल कर दिया जाएगा।
यूपीपीसीएल के दो लेखाधिकारियों से हुई पूछताछ
ईओडब्ल्यू ने शनिवार को यूपीपीसीएल के एक मौजूदा और एक पूर्व लेखाधिकारी को भी बुलाकर पूछताछ की । ईओडब्ल्यू के अधिकारियों ने पूछा कि आखिर डीएचएफएल में कब-कब और कितना-कितना निवेश किया गया। सूत्रों का कहना है कि कुछ और कर्मचारियों को जल्द ही बुलाकर पूछताछ की जाएगी।