घरों पर विश्राम कर रहे पूर्व प्रचारक अब संघ की तीसरी आंख के रूप में काम करेंगे। इन्हें काम पर लगाने के लिए कार्ययोजना बनाई गई है।
रणनीति के मुताबिक इन्हें न सिर्फ संघ की कार्ययोजना से सीधे जोड़ा जाएगा, बल्कि सहयोगी संगठनों के कामकाज को संवारने की भी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इनका मुख्य काम संघ परिवार के कामकाज पर नजर रखना और उससे संघ नेतृत्व को अवगत कराना होगा।
पूर्व प्रचारकों को इसके लिए तैयार करने का काम संघ प्रमुख मोहन भागवत और सरकार्यवाह सुरेश जोशी भैया जी ने अपने हाथ में लिया है। दोनों लोग इनसे संवाद कर रहे हैं। साथ ही इन्हें मानसिक तौर पर तैयार कर रहे हैं कि वे रोजाना कम से कम एक घंटा और माह में कम से कम तीन दिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को दें।
शनिवार को उन्नाव में इस सिलसिले में पूर्व प्रचारकों की बैठक भी हुई। इसमें भागवत भी मौजूद थे। दरअसल, संघ सार्वजनिक रूप से कामकाज में विस्तार का दावा करता है लेकिन अंदरखाने उसके नेतृत्व को भी कहीं न कहीं यह बात सालती है कि शाखाओं में पहले की तरह उत्साह नहीं दिखता।