फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Balrampur: साढ़े पांच करोड़ की नौ बीघे जमीन पूर्व विधायक ने हथियाई, अपने विद्यालय के नाम करा लिया

Fri, 12 Apr 2024 06:13 PM IST
ishwar ashish संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर

सार

जमीन हथियाने का खेल साल 1987 से 1990 में उतरौला तहसील में हुआ था। फर्जी शपथ पत्र व दस्तावेज के सहारे सरकारी जमीन को स्कूल के नाम दर्ज करवा लिया था।
 
विज्ञापन
पूर्व विधायक आरिफ अनवर हाशमी - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जमीन घोटाले में सादुल्लाहनगर (उतरौला) के पूर्व विधायक आरिफ अनवर हाशमी एक बार फिर कार्रवाई के दायरे में आ गए हैं। वर्ष 1987 से 1990 में चकबंदी न्यायालय को फर्जी शपथ पत्र व दस्तावेज से गुमराह कर 1.83 एकड़ यानि नौ बीघे जमीन अपने प्रबंधकीय वाले विद्यालय के नाम दर्ज करा लिया।

विज्ञापन


जिलाधिकारी अरविंद सिंह ने पूरे मामले की जांच कराई। पूरा मामला उजागर होने पर उन्होंने विद्यालय के दर्ज नाम को निरस्त कर फिर से ग्राम समाज के नाम दर्ज करा दिया। जमीन की कीमत साढ़े पांच करोड़ आंकी गई है।

ये भी पढ़ें - भाजपा सांसद स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी पर बोला हमला, कहा- अमेठी के लोगों ने 15 साल निकम्मे सांसद को ढोया
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - बसपा के नौ प्रत्याशी और घोषित, दो मुस्लिम व तीन ब्राह्मणों को टिकट, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष आजमगढ़ से लड़ेंगे चुनाव
विज्ञापन


मामला तहसील उतरौला के ग्राम व परगना सादुल्लाहनगर का है। जहां पर ग्रामसभा की नवीन परती भूमि गाटा संख्या 1433 को आरिफ अनवर हाशमी निवासी सादुल्लाह नगर उतरौला ने सन 1987 व 1990 में जब उतरौला तहसील पूर्ववर्ती जनपद गोंडा की तहसील थी। उस समय चकबंदी न्यायालय से अपने कालेज किसान विद्यालय सादुल्लाह नगर के नाम दर्ज कराकर खतौनी में दर्ज करा ली थी।

बीते तीन माह पहले जिलाधिकारी को इसकी गोपनीय शिकायत मिली थी। जांच में गोंडा जिले से अभिलेख मंगाए गए और बारीकी से छानबीन हुई। बड़े पैमाने पर सरकारी जमीन की हेराफेरी का मामला समाने आया। डीएम ने बीते आठ अप्रैल को ही मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद उतरौला तहसील ने खतौनी में नवीन परती के रूप में जमीन को दर्ज कर दिया।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें