लखनऊ। पूर्व महापौर संयुक्ता भाटिया की मां अनसुईया गिरोत्रा का सोमवार को 99 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने जनपद बस्ती में परिवार के बीच अंतिम सांस ली। पूर्व महापौर की ओर से बताया गया कि जब वह मात्र 9 माह की थीं, तब भारत विभाजन के समय उपजी मजहबी हिंसा के कारण मां अनसुईया गिरोत्रा तब भारत (अब पाकिस्तान के पंजाब) के लायलपुर जिला के झंग शहर से सब कुछ छोड़कर आई थीं। यह सफर उन्होंने पैदल तय किया था। करीब 2.5 साल विस्थापितों के कैंप में गुजारने के बाद वह किसी तरह परिवार से मिलने में सफल हो पाई थीं। संयुक्ता भाटिया ने बताया कि उन्होंने मां के नाम पर ही अनसुईया रसोई का शुभारंभ किया था। ट्राॅमा सेंटर के पास 10 रुपये में भरपेट भोजन मिलता था। बस्ती के मूड़घाट पर सोमवार को उनका अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार में उनकी बेटी संयुक्ता भाटिया, नीरू फाडा, पुत्र अरुण, संजीव, अजय गिरोत्रा, पुत्रवधू अचला, अंजना, ऋतु, नाती प्रशांत, पौत्र अमित, शेखर, अनुज, सुशांत, शांतनु, पोती स्मिता, शिखा, निष्ठा, पड़पोती अग्रिमा, पड़पोता अद्विक समेत कई लोग शामिल हुए।