दो साल पहले हजरतगंज इलाके में तेजरफ्तार से कार दौड़ाकर रैनबसेरे में सो रहे पांच मजदूरों की जान लेने के मामले में न्यायालय ने पूर्व विधायक के बेटे आयुष को सात वर्ष के कठोर कारावास और छह लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। उसके साथी निखिल अरोड़ा को साक्ष्य के अभाव में बरी कर किया है। पांचों मजदूरों के आश्रितों को जुर्माने की रकम से एक-एक लाख रुपये क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया है।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश हरेंद्र बहादुर सिंह ने 8 जनवरी 17 की रात हजरतगंज के डालीबाग में बहुखंडी विधायक निवास के सामने रैन बसेरा में सो रहे पांच लोगों को तेजरफ्तार कार से रौंदने के मामले में गोमतीनगर के विशाल खंड निवासी आयुष कुमार को दोषी पाया। आयुष के पिता अशोक कुमार सपा के पूर्व विधायक थे।
सुनवाई के दौरान सरकारी वकील जेपी सिंह ने हादसे में मारे गए बहराइच के मोतीपुर थाने के गांव चंदनपुर निवासी पृथ्वीराज के भाई राजू द्वारा हजरतगंज थाने में दर्ज कराई प्राथमिकी और विवेचना का ब्योरा प्रस्तुत किया। दोनों भाई लखनऊ में मजदूरी करते और रैनबसेरा में सोते थे।
राजू आठ जनवरी 2017 की रात लघुशंका के लिए निकला था। इस बीच डालीबाग से बालू अड्डा की तरफ तेजरफ्तार से जा रही कार रैन बसेरा में जा घुसी। कार ने गहरी नींद में सो रहे पृथ्वीराज (30), गोकरन (27), अब्दुल कलाम (47), देवराज पांडेय (28) व एक अज्ञात युवक की मौत हो गई। इसके अलावा बुधई, हसन, गुलाम हसन और अख्तर गंभीर रूप से घायल हुए थे। उमड़ी भीड़ ने कार चालक आयुष और उसके दोस्त निखिल को मौके पर ही पकड़ लिया था।
बर्थडे पार्टी से लौट रहे थे बिगड़ैल रईसजादे
आयुष बीबीए तृतीय वर्ष का छात्र था। उसके साथ कार में बैठा निखिल अरोड़ा हैदराबाद से होटल मैनेजमेंट का कोर्स कर रहा था। उसके पिता पुनीत अरोड़ा की नटबोल्ट बनाने की फैक्ट्री है। दोनों दोस्त 7 जनवरी 17 की रात वजीर हसन मार्ग पर अपने दोस्त की बर्थडे पार्टी में गए थे। वहां से नशे में धुत होकर निकले। आयुष ने निखिल को बगल वाली सीट पर बैठाकर तेजरफ्तार से कार दौड़ानी शुरू की।
सुनसान सड़क पर स्टंट के दौरान तेजरफ्तार कार सड़क किनारे रैनबसेरा में जा घुसी। आक्रोशित नागरिकों ने प्रदर्शन किया। मृतक पृथ्वीराज के भाई राजू की तहरीर पर गैर इरादतन हत्या की प्राथमिकी दर्ज करके आयुष और पुनीत को गिरफ्तार किया गया था। विवेचक ने दोनों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया।