यूपी स्टेट एंट्रेंस एग्जाम के लिए चल रहे रजिस्ट्रेशन के बाद छात्रों को
फॉर्म में सुधार का एक मौका परीक्षा के दिन दिया जाएगा।
20 और 27 अप्रैल को
होने वाली परीक्षा के दिन ही जरूरत के मुताबिक छात्रों से फॉर्म-9
(डिस्क्रिपेंसी फॉर्म) भरवाया जाएगा।
पांच अप्रैल तक होने वाले एसईई आवेदन
के दौरान फॉर्म भरने के बाद छात्र को ऑनलाइन सुधार का कोई मौका नहीं
मिलेगा।
15 मार्च से शुरू हुई एसईई की आवेदन
प्रक्रिया में अब तक 50 हजार छात्र रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। इसमें लगभग
48 हजार ने यूजी कोर्स और लगभग 3000 ने पीजी के लिए रजिस्ट्रेशन किया है।
वहीं, लगभग 23 हजार छात्र अपनी फीस जमा कर चुके हैं। रजिस्ट्रेशन के एक दिन
बाद फीस जमा करने और उसके एक दिन बाद फोटो व सिग्नेचर के साथ फॉर्म सबमिट
करने का प्रावधान है।
वहीं, एसईई के फॉर्म भरते समय यदि छात्र से कैटेगरी,
सब कैटेगरी, रूरल वैटेज या डोमिसाइल के अलावा कोई गलती हुई है तो उसे
सुधारने का मौका परीक्षा के दिन फॉर्म-9 के जरिए दिया जाएगा।
किसी भी
रिजर्व कैटेगरी के छात्र को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के दौरान अपने संबंधित
प्रमाणपत्र पेश करने होंगे, जिनके अभाव में उसे जनरल कैटेगरी में माना
जाएगा।
यह भी जरूरीएसईई
में शामिल होने के लिए यूपी के स्कूल से 12वीं या अभिभावक का डोमिसाइल
जरूरी है। डोमिसाइल न होने की स्थिति में छात्र को जीडीडीए कैटेगरी का लाभ
मिल सकता है।
इस कैटेगरी में यूपी में सेवारत डिफेंस के लोग या ऑल इंडिया
सर्विस में यूपी कैडर पर सेवारत लोगों के बच्चों को भी लाभ मिलेगा।