फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दरोगा भर्ती में फर्जीवाड़ा : 27 मिनट 18 सेकेंड में दिया था 158 सवालों का सही जवाब, 12 नवंबर को थी परीक्षा

Fri, 16 Dec 2022 10:50 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

लेकिन भर्ती बोर्ड द्वारा पकड़े गये जालसाज गिरोह ने इस परीक्षा में शामिल हुए कुछ अभ्यर्थियों से मोटी रकम ली। संबंधित परीक्षा केंद्र के संचालकों व मालिकों से मिलकर अनुचित साधन उपलब्ध कराये।
विज्ञापन
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने पिछले साल 12 नवंबर को उपनिरीक्षक परीक्षा का आयोजन किया था। इस परीक्षा में कुल 160 सवाल दिये गये थे। जिसका अभ्यर्थियों को दो घंटे में जवाब देना था। लेकिन भर्ती बोर्ड द्वारा पकड़े गये जालसाज गिरोह ने इस परीक्षा में शामिल हुए कुछ अभ्यर्थियों से मोटी रकम ली। संबंधित परीक्षा केंद्र के संचालकों व मालिकों से मिलकर अनुचित साधन उपलब्ध कराये।

विज्ञापन


मंगलवार देर शाम को एक गिरोह का खुलासा बोर्ड के पदाधिकारियों ने किया। जिसमें गोरखपुर के एक आन लाइन परीक्षा केंद्र के अभ्यर्थी ने महज 27 मिनट 18 सेकेंड में 158 सवालों का सही जवाब दे दिया। यह खुलासा अभ्यर्थी के कैंडिटेट रिस्पांस लॉग (सीआरएल) और कैंडिटेट एक्जाम डे परफार्मेंश रिपोर्ट की समीक्षा में हुआ।

उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड  ने 2020-21 की एसआई भर्ती के लिए 12 नवंबर को हर जिले में ऑन लाइन परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा में जाली प्रमाण पत्रों पर नौकरी हासिल करने वालों का गिरोह भी सक्रिय हो गया। इस गिरोह ने कई अभ्यर्थी से वसूली शुरू की। इसका खुलासा पिछले दिनाें लखनऊ पुलिस लाइन में शारीरिक परीक्षा के दौरान जिसके बाद कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। इसी तरह का एक और गिरोह का खुलासा मंगलवार देर शाम को भर्ती बोर्ड केएसपी हफीजुर रहमान ने किया।
विज्ञापन


हाईकोर्ट के आदेश पर शारीरिक परीक्षा में शामिल हुआ
एसपी के मुताबिक जौनपुर का रहने वाले रितेश कुमार ने एसआई परीक्षा में भाग लिया। 7 मई 2022 को शारीरिक व अभिलेखों के  परीक्षण कराया गया। लेकिन रितेश पुलिस लाइन में शैक्षणिक दस्तावेजों के फोटो कॉपी लेकर गया था। उससे मूल प्रति मांगी गई लेकिन वह उपलब्ध नहीं करा सका। जिसके कारण निरस्त कर दिया गया था। परीक्षा से बाहर होने के बाद रितेश ने हाईकोर्ट इलाहाबाद में याचिका दायर की।

जिसमें 16 मई 2022 को आदेश पारित किया गया गया कि प्रमाणपत्रों की फोटो कापी के आधार पर चयन प्रक्रिया में शामिल किया जाए। इस आदेश के बाद चयन प्रक्रिया में शामिल किया गया। रितेश भर्ती बोर्ड के सामने 13 दिसंबर को आया। उसने बोर्ड के अधिकारियों से कहा कि उसे नियुक्ति  नहीं मिल सकी है। पूछताछ में सामने आया कि उसने अपने शैक्षणिक प्रमाण पत्र अजय चौहान नाम के व्यक्ति के पास जमा कराये है। जब उसने प्रमाण पत्र मांगे तो टालमटोल करने लगा। इस मामले में मध्यस्थता  वीके सिंह उर्फ बृजीत सिंह व शशि ने की। फिर, अजय ने  प्रमाण पत्र देने  के लिए 3.5 लाख रुपये की मांगे।

15 लाख रुपये और शैक्षणिक प्रमाण पत्र जमा कराया 
रितेश ने भर्ती बोर्ड के अधिकारियों के सामने कुबूल किया कि  एसआई भर्ती परीक्षा पास कराने केलिए उससे रुपये की मांग की गई। जालसाजों ने कहा कि पहले 15 लाख रुपये जमा करने होंगे। इसके बाद नियुक्ति होने केबाद 5 लाख रुपये देने होंगे। रितेश के मुताबिक उसके इंटर व हाईस्कूल के शैक्षणिक प्रमाण पत्र, ब्लैंक चेक व अन्य जरूरी दस्तावेज अजय चौहान ने अपने पास जमा करा लिये।

कहा कि नियुक्ति होने के बाद की रकम मिलने पर सभी दस्तावेज दिये जाएंगे। इन्हीं रुपये की वसूली के लिए ही अजय ने ब्लैंक चेक जमा कराये थे। भर्ती बोर्ड के अधिकारी के मुताबिक इस मामले में रितेश के अलावा दो अन्य आरोपी गिरफ्तार किये गये हैं। जिनके पास से 104 अभ्यर्थियों के हाई स्कूल, इंटरमीडिएट के अंक पत्र व प्रमाण पत्र, कूटरचित चरित्र प्रमाण पत्र, 104 ब्लैंक चेक बरामद किये गये हैं।

80 सवाल के 13 मिनट, तो 40 के महज पांच मिनट में दिया जवाब
भर्ती बोर्ड के अधिकारी के मुताबिक पूरी जानकारी होने के बाद टीम ने ऑन लाइन लिखित परीक्षा की कैंडिडेट रिस्पांस लॉग (सीआरएल) व कैंडिडेट एक्जाम डे परफार्र्मेंश  रिपोर्ट की समीक्षा की गई। जांच में सामने आया कि रितेश ने प्रश्न पत्र में दो विषयों के 80 प्रश्नों में 79 प्रश्नों के सही उत्तर केवल 13 मिनट 35 सेकेंड में दिये हैं।

वहीं मेंटल एप्टीट्यूट, इंटेलीजेंश टेस्ट रिजनिंग विषय के सभी 40 प्रश्न के उत्तर 8 मिनट 38 सेकेंड में दिये थे। इसी तरह मूलविधि, संविधान व जनरल नालेज के 40 प्रश्नों का उत्तर 4 मिनट 58 सेकेंड में दिया गया। इसमें 39 जवाब सही थे। रितेश ने कुबूल किया कि आन लाइन परीक्षा में अनुचित तरीके से पास किया था। इसकेलिए उसने अजय चौहान को 15 लाख रुपये दिये थे। यह रकम अजय के बताये गये बैंक खातों व उसके ठिकाने पर नकदी के रुप में द…

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें