उत्तर प्रदेश में जिस देश के निवेशकों को आमंत्रित किया जाएगा, उससे संबंधित नीतियां उनकी मातृ भाषा में ही उन्हें उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके लिए औद्योगिक नीति समेत 27 सेक्टोरल नीतियों का विभिन्न भाषाओं में अनुवाद का फैसला किया गया है।
अगले साल के प्रारंभ में यूपी में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया जाएगा। इसका उद्देश्य निवेश बढ़ाना है, ताकि रोजगार के अवसर बढ़ें। इसलिए प्रदेश में नई औद्योगिक एवं निवेश नीति समेत अलग-अलग सेक्टरों से संबंधित 27 नीतियों के मसौदे तैयार किए जा रहे हैं।
इस कार्य में विशेषज्ञ संस्थाओं व व्यक्तियों की मदद ली जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, नीतियों के मसौदे अगस्त के अंत तक मुकम्मल कर दिए जाएंगे और सितंबर में इन्हें कैबिनेट से पास करा लिया जाएगा।
उसके बाद ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए देश-विदेश में रोड शो होंगे। इनमें सरकार के नुमाइंदों के साथ-साथ वरिष्ठ अधिकारी भी हिस्सा लेंगे। सभी की जिम्मेदारियां तय होंगी। विदेश में रोड शो के दौरान ही वहां के निवेशकों को उनकी भाषा में नीतियों की प्रतियां उपलब्ध कराई जाएंगी। पहले चरण में जर्मन, फ्रेंच, जापानी, अंग्रेजी आदि भाषाओं में इन नीतियों के अनुवाद की तैयारी की जा रही है।