फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सिर ढक जाएं इमामबाड़े की मुख्य इमारत, भूलभुलैया जाने पर नही है पाबंदी

विज्ञापन
विज्ञापन
सिर ढक कर जाएं इमामबाड़े की मुख्य इमारत, भूलभुलैया में पाबंदी नहीं
विज्ञापन

आसिफी इमामबाड़े की मुख्य इमारत में पर्यटकों को सिर ढक कर जाने पर ही इजाजत दी जा रही है। हालांकि मुख्य इमारत की छत पर स्थित भूलभुलैया जाने के लिए पर्यटकों को सिर ढकने की जरूरत नहीं है। वहीं टॉप पहन कर आने वालों को मुख्य गेट पर ही रोका जा रहा है। धार्मिक स्थल में सिर ढक कर जाने के प्रशासन के आदेश पर पर्यटकों को कोई ऐतराज नहीं है। वहीं हुसैनाबाद ट्रस्ट की ओर से आसिफी इमामबाड़े की मुख्य इमारत के बाहर और छोटे इमामबाड़े में मुख्य द्वार पर निशुल्क दुपट्टे उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
हुसैनाबाद ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बीते दिनों यहां शालीन कपड़े पहन कर आने संबंधी आदेश दिया था। इसके अलावा जिलाधिकारी ने इमामबाड़ा परिसरों में फोटो व वीडियो बनाने और प्री-वेडिंग शूट पर भी रोक लगा दी है। पर्यटकों को सिर्फ छोटा डिजिटल कैमरा या मोबाइल कैमरा लाने की ही इजाजत दी गई है। प्रशासन के आदेश के बाद बड़ा इमामबाड़े के मुख्य परिसर के गेट पर दुपट्टों की निशुल्क व्यवस्था की गई है। पर्यटकों को सिर ढकने के बाद ही अंदर जाने दिया जा रहा है। पर्यटकों की जानकारी के लिये यहां पर दीवार पर काफी ऊपर दो पोस्टर लगे हैं। हालांकि इनकी ऊंचाई इतनी अधिक है कि उस पर आसानी से नजर नहीं पड़ रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सिर ढकने संबंधित परिसर में नहीं लगे बोर्ड
गुड़गांव से अपने दोस्त डॉ. भगवती प्रसाद और बेटी जेसिका व कृति के साथ बड़ा इमामबाड़ा देखने आए डॉ. विक्रम सिंह का कहना है कि किसी भी धार्मिक इमारत में सिर ढक कर जाना हमारा परंपरा है। ऐसे आदेश पर उन्हें कोई ऐतराज नहीं है। प्रियंका और सीमा लखनऊ की होने की वजह से कई बार बड़ा इमामबाड़ा घूमने आ चुकी हैं। उन्होंने बताया कि इससे पहले मुख्य इमारत में जाने के लिये सिर ढकने की पाबंदी ंनही थी। अचानक टोके जाने पर आश्चर्य जरूर हुआ लेकिन इस पर कोई ऐतराज नहीं है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें