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Lucknow News: पहली बार कोल्ड मिक्स तकनीक से बनेंगी 18 सड़कें

Wed, 05 Feb 2025 01:01 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
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बछरावां क्षेत्र की बदहाल सड़क। - फोटो : संवाद
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रायबरेली। कोल्ड मिक्स तकनीक से जिले में पहली बार 18 सड़कों का नवीनीकरण कराया जाएगा। इस तकनीक से सड़कों को बनाने में लागत कम आएगी। पर्यावरण भी प्रभावित नहीं होगा। सड़कों को दुरुस्त कराने में 10 करोड़ से ज्यादा रुपये खर्च होंंगे।
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नई तकनीक से सड़क निर्माण कराने की जिम्मेदारी ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को सौंपी गई है। विभाग ने टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है। अनुबंध के बाद काम शुरू होगा। पहले चरण की सभी सड़कें ग्रामीण क्षेत्र की हैं। इसमें किसी की लंबाई पांच तो किसी की आठ किमी है। असल में जिले में चल रहे फोरलेन हाईवे निर्माण के साथ में गंगा एक्सप्रेस के निर्माण में लगे डंपरों ने ग्रामीण क्षेत्रों की ज्यादातर सड़कों को ध्वस्त कर दिया है।

इस कारण 18 सड़कों को इस योजना में चयन किया गया है। विभाग सड़कों को दुरुस्त कराकर आवागमन में हो रही परेशानियों को दूर करेगा। इससे करीब 50 हजार से ज्यादा ग्रामीणों का सफर सुगम होगा।
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पानी से खराब नहीं होंगी सड़कें
सबसे ज्यादा सड़कें पानी भरने से खराब होती हैं, लेकिन इस तकनीक से बनने वाली सड़कें पानी से नहीं खराब होंगी। यह तकनीक सड़कों के लिए कारगर होगी। सड़क की खराब सतह को सही करने के पहले अगर कहीं पर गड्ढे हैं, तो उन गड्ढ़ों में बड़ी गिट्टी भरने के बाद सतह पर गिट्टी डालने का कार्य किया जाएगा। इसके बाद उसमें इमल्सन केमिकल से नवीनीकरण कराया जाएगा।


क्या है नई तकनीक
इस तकनीक में तारकोल का इस्तेमाल नहीं किया जाता है। ठंडे इमल्सन में गिट्टी को पूरी तरह से इस प्रकार मिलाया जाता है कि सभी गिट्टी पूरी तरह गीली हो जाए। इसके बाद सड़क पर ठंडे इमल्सन को फैलाकर उसके ऊपर भीगी गिट्टी डालने का कार्य किया जाता है। उसके बाद रोलर से उसको दबाया जाता है। इसमें अधिक ईंधन की जरूरत नहीं पड़ती। पर्यावरण को भी खास नुकसान नहीं होता।


सीमित राज्यों में लागू की गई यह तकनीक
भारत के पूर्वोत्तर जैसे राज्यों अरुणांचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, सिक्किम में कोल्ड मिक्स तकनीक का उपयोग सबसे उपयुक्त साबित हुआ है। इस तकनीक से सड़क निर्माण में लागत कम आने के साथ ईंधन की बचत होती है। इसलिए इसे बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए हरित तकनीक माना जा सकता है।
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जल्द शुरू कराया जाएगा काम
सभी सड़कों की लंबाई करीब 70 किमी है। इस तकनीकी से बनने वाली सड़कों में लागत कम और गुणवत्ता बेहतर होती है। अनुबंध के बाद जल्द काम शुरू कराया जाएगा।
- प्रभात नारायण तिवारी, एक्सईएन ग्रामीण अभियंत्रण विभाग
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