पीड़ित युवकों के मुताबिक, जालसाजों ने बताया कि कंपनी का हेड ऑफिस जनकपुरी, नई दिल्ली में है और फ्रेंचाइजी कार्यालय बिजनौर रोड, नजीमाबाद में है। जहां सभी को पांच माह का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद जॉइनिंग लेटर दिया जाएगा। झांसे में आने के बाद सभी युवक जालसाजों द्वारा बताए गए स्थान पर गए थे।
बकौल पीड़ित, जालसाजों ने 14 मार्च 2017 को सभी युवकों को माल रोड पर बुलाया। जहां प्रशिक्षण के नाम पर प्रत्येक युवक से 20 हजार रुपये जमा करवाए। युवकों ने जब रुपये जमा करने के एवज में रसीद की मांग की तो जालसाजों ने प्रशिक्षण के दौरान रिसीविंग देने की बात कहकर टाल दिया। लेकिन बाद में भी रसीद नहीं दी।
युवकों का आरोप है कि ठगी का शिकार होने के जब वह घर लौटे तो परिवारीजनों को लेकर तहसील दिवस में जाकर गुहार लगाई थी। लेकिन हर बार अगली बार आने की बात कही गई। इसके बाद पीड़ित सोमवार सुबह इटौंजा थाने पहुंच कर आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाने की मांग की।