केजीएमयू : प्राइवेट वार्डों में जमे हाई प्रोफाइल बंदियों पर रिपोर्ट तलब
शिकायत के बाद सीएमएस ने इलाज का ब्योरा मांगा
केजीएमयू में एक के बाद एक विचाराधीन बंदियों को प्राइवेट रूम मुहैया कराने के मामले के तूल पकड़ने के बाद सीएमएस ने विभागाध्यक्ष से जवाब मांगा है। पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति भी केजीएमयू के प्राइवेट वार्ड में भर्ती हैं।
मनी लॉड्रिंग में विचाराधीन कैदी हरीश गुल्लर को कार्डियोलॉजी संबंधी समस्या होने पर जेल प्रशासन ने लारी कार्डियोलॉजी भेजा था। यहां जांच के बाद चिकित्सकों ने मेडिसिन विभाग रेफर कर दिया। यहां उसके लिए प्राइवेट रूम अलॉट कर दिया। वह करीब सप्ताह भर से गांधी वार्ड के प्राइवेट वार्ड में भर्ती है। विचाराधीन बंदियों को केजीएमयू में प्राइवेट रूम देने के मामले में सीएमएस से शिकायत की गई। सीएमएस प्रो. एसएन शंखवार ने मेडिसिन विभाग से जानकारी मांगी है। साथ ही इलाज का ब्योरा भी तलब किया है।
गायत्री को एमआरआई मशीन की आवाज से लगता है डर
मीडिया प्रभारी डॉ. सुधीर सिंह ने बताया कि प्राइवेट वार्ड में भर्ती पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति की अभी तक एमआरआई नहीं हो पा रही है। वह एमआरआई मशीन की आवाज से भयभीत हो जाते हैं। दो बार प्रयास किया गया, लेकिन एमआरआई नहीं की जा सकी है। अभी भी उनकेपैरों में सूजन है। किडनी संबंधी समस्या बनी हुई है।