तपोस्थली स्थित आंद बोधित पर परिक्रमा करते अनुयायी।
कटरा (श्रावस्ती)। बुद्ध की तपोस्थली शुक्रवार को अनुयायियों से गुलजार रही। श्रीलंका से 250, म्यांमार से 70, महाराष्ट्र से 150 सहित 40 अन्य बौद्ध अनुयायी शुक्रवार को बुद्ध की तपोस्थली पहुंचे। जहां उन्होंने भंते भवरानंद के नेतृत्व में गंध कुटी की परिक्रमा कर विशेष पूजन किया।
भंते ने कहा कि भगवान बुद्ध ने मन की शांति के लिए कई बातें कही थीं। बताया, क्रोधित व्यक्ति स्वार्थी हो जाता है। वह सिर्फ अपनी बात मनवाने की कोशिश करता है, इससे बचना चाहिए। ईर्ष्या और नफरत की भावना से हम जीवन में कोई खुशी हासिल नहीं कर सकते हैं। यह भावनाएं हमारे मन की शांति खत्म कर देती हैं। जिस प्रकार तूफान एक मजबूत पत्थर को हिला नहीं पाता है, उसी प्रकार बुद्धिमान व्यक्ति प्रशंसा या आलोचना से प्रभावित नहीं होते हैं। पूजन के बाद उपासकों ने शिवली स्तूप, कौशांबी कुटी, सभामंडप, संघाराम विहार, अंगुलिमाल स्तूप, कच्ची कुटी, पक्की कुटी व पूर्वाराम बिहार आदि का भ्रमण कर उसकी जानकारी प्राप्त की।