गुडंबा। गोमती का जलस्तर बढ़ने से घैला गांव पूरी तरह बाढ़ की चपेट में आ गया है। करीब छह हजार की आबादी वाले गांव के चारों ओर पानी भर चुका है। आईआईएम रोड से गांव को जोड़ने वाला इकलौता रास्ता तीन से चार फीट पानी में डूबने से ग्रामीणों की आवाजाही ठप हो गई है। घरों में पानी घुसने और मवेशियों के लिए चारे व साफ पानी का संकट खड़ा होने के बाद पशुपालक मवेशी लेकर आईआईएम रोड के किनारे पहुंच गए हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि बाढ़ प्रभावित मामा कॉलोनी, पवन विहार और दाऊदनगर समेत अन्य इलाकों पर प्रशासन का ज्यादा ध्यान है, जबकि घैला गांव को भुला दिया गया है। गांव में अब तक राहत सामग्री, चारा या साफ पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई है।
गांव के गुरु प्रसाद के पास 25 गायें-भैंसें हैं। उन्होंने बताया कि बाढ़ के कारण चारे और साफ पानी की दिक्कत है। सामान्य दिनों में करीब 40 लीटर दूध निकलता था, जो घटकर 20 लीटर रह गया है।
प्रेम कुमार के 12, बलराम के 20, हरिलाल के 35 और कल्लू के सात मवेशी हैं। सभी ने मवेशियों को आईआईएम रोड के किनारे बांध रखा है। घरों से चारा-भूसा लाकर किसी तरह काम चलाया जा रहा है। बाढ़ ने खेती को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। राममिलन और मनोज ने बताया कि खेतों में लगी भिंडी, मूली और धान की फसल पानी में डूब गई है।
मवेशियों के बीमार होने का भय
ग्रामीणों के अनुसार गांव में भरा पानी दूषित हो चुका है। इससे करीब 300 गायें-भैंसें और 350 बकरियों के बीमार होने का खतरा है। पशुपालकों ने आईआईएम रोड पर मवेशियों और लोगों के लिए पानी के टैंकर उपलब्ध कराने की मांग की है।
घैला गांव में बाढ़ का पानी।
घैला गांव में बाढ़ का पानी।
घैला गांव में बाढ़ का पानी।