बख्शी का तालाब। कई दिनों से बढ़ रहा गोमती का जलस्तर बुधवार रात की तेज बारिश के बाद बृहस्पतिवार सुबह और चढ़ गया। इससे लासा और बहादुरपुर गांव के घरों में बाढ़ का पानी पहुंच गया। सड़क पर नाव चलानी पड़ी। ग्रामीण दिनभर गृहस्थी का सामान छत पर सुरक्षित करने में जुटे रहे।
बारिश के बाद लासा, बहादुरपुर और सुल्तानपुर में सबसे बुरे हालात दिखे। लोग नाव के सहारे सुरक्षित स्थानों पर जाते रहे। बहादुरपुर गांव की मूला ने बताया कि उनके प्रधानमंत्री आवास में पानी भर गया है। अब माल के मझौवा स्थित रिश्तेदार की बाग में तिरपाल डालकर पानी उतरने तक रुकेंगी।
देवी, सत्तार और सुमन और बहादुरपुर के ग्रामीणों ने इटौजा माल रोड पर निर्मित मंडी के टीन शेड के नीचे डेरा जमाया है।
मवेशी भूखे, कागजों में पहुंच गया
डीएम विशाख जी ने बाढ़ग्रस्त गांवों के मवेशियों के लिए भूसा उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद भी भूसा न पहुंचने पर ग्रामीण और जिला पंचायत सदस्य अरुण कुमार ने सीवीओ से जानकारी की तो उन्होंने कहा कि एक ट्रॉली भूसा पहुंचाया जा चुका है। यह सुनकर ग्रामीण हंगामा करने लगे। आरोप लगाया कि बाढ़ के बजट को अधिकारी डकार रहे हैं।