फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लखनऊ में बाढ़ की मार: घरों में पांच फीट तक भरा पानी, सांपों का खतरा; आशियाने छूटे; 3500 किसानों की फसलें डूबीं

Sat, 03 Oct 2026 08:41 AM IST
Akash Dwivedi डिजिटल डेस्क, लखनऊ

सार

लखनऊ में गोमती और सई नदी का जलस्तर बढ़ने से कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। फैजुल्लागंज और बीकेटी के घरों में पांच फीट तक पानी पहुंच गया। करीब 3,500 किसानों की फसलें डूब गई हैं। प्रशासन ने 24 नावें लगाई हैं और 10 अतिरिक्त नावों की व्यवस्था के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गोमती और सई नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से लखनऊ के कई ग्रामीण और शहरी इलाकों में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। फैजुल्लागंज की कई कॉलोनियां पानी में डूब चुकी हैं। घरों में कई फीट तक पानी भरने के बाद परिवार गृहस्थी का सामान समेटकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर हैं। वहीं माल, इटौंजा, निगोहां, बंथरा और आसपास के क्षेत्रों में करीब 3,500 किसानों की धान, उड़द, बाजरा, चारा और सब्जियों की फसलें पानी में डूब गई हैं।

 

विज्ञापन

पानी से निकलते लोग। - फोटो : अमर उजाला

फैजुल्लागंज में हर दिन बढ़ रहा दायरा

गोमती का जलस्तर बढ़ने से फैजुल्लागंज के दाउदनगर, मामा कॉलोनी, कैलाश विहार, कनौजिया चौराहा, नंदा फार्म हाउस, मिश्रा प्लानिंग एरिया और मस्जिद तिराहा समेत कई इलाके जलमग्न हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक बाढ़ का पानी रोज करीब 300 मीटर नए इलाके को अपनी चपेट में ले रहा है।

ललित नगर, जैनब मस्जिद, राम विहार कॉलोनी, मामा कॉलोनी और पवन विहार में भी पानी भर गया है। कई परिवार घर छोड़कर रिश्तेदारों या सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं। खाली मकानों में चोरी की घटनाओं की शिकायतें भी सामने आई हैं। स्थानीय लोगों ने पुलिस से ऐसे इलाकों में गश्त बढ़ाने की मांग की है।

पानी के बीच सांपों का खतरा

जलभराव वाले इलाकों में सांप निकलने से लोगों में दहशत है। स्थानीय निवासियों के मुताबिक कई घरों और उनके आसपास सांप देखे गए हैं। राहत सामग्री पहुंचाने में भी लोगों को परेशानी हो रही है। सामाजिक संगठनों की ओर से प्रभावित परिवारों को खानपान के पैकेट बांटे गए। बाढ़ के कारण आवागमन के लिए नावों का सहारा लिया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने कुछ नाव संचालकों पर आने-जाने के लिए पैसे लेने का आरोप लगाया है और प्रशासन से नावों के संचालन की निगरानी की मांग की है।

 

नाव से जाते लोग। - फोटो : अमर उजाला

डीएम ने नाव से पहुंचकर लिया जायजा

शुक्रवार को डीएम विशाख जी. और जेसीपी बबलू कुमार नाव से फैजुल्लागंज पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। अधिकारियों ने बताया कि लोगों के आवागमन और राहत कार्यों के लिए 24 नावें लगाई गई हैं। डीएम ने 10 और नावों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। साथ ही बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को चिह्नित कर उनकी सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

बीकेटी के कई गांवों में घरों में घुसा पानी

बख्शी का तालाब क्षेत्र के बहादुरपुर गांव में 68 वर्षीय छोटा के मुताबिक रात में पानी तेजी से बढ़ा और सुबह तक घर के आंगन में करीब पांच फीट पानी भर गया। परिवार के करीब 12 सदस्यों और मवेशियों को गांव से बाहर सुरक्षित स्थान पर ले जाना पड़ा।

लासा, अकड़रिया खुर्द, दुधरा, सुल्तानपुर, बहादुरपुर और हीरापुरवा के करीब 50 घरों में पानी भरने की सूचना है। ग्रामीण ट्रैक्टर और नाव की मदद से भूसा, अनाज और गृहस्थी का सामान बाहर निकाल रहे हैं। करीब 350 लोग घर छोड़कर रिश्तेदारों या ऊंचे स्थानों पर चले गए हैं।

 

विज्ञापन

टीम मदद के लिए आती हुई। - फोटो : अमर उजाला

डेढ़ दर्जन गांवों में फसलें बर्बाद

गोमती की बाढ़ से अकड़रिया खुर्द, अकड़रिया कला, लासा, सुल्तानपुर, बहादुरपुर और हीरापुरवा समेत कई गांव प्रभावित हैं। जमखनवा, दुधरा, हरदा, शिवपुरी, कठवारा, मल्लाहनखेड़ा, अस्तल, सरौरा और दुगवरी में धान, उड़द तथा बैंगन, लौकी, तोरई, भिंडी, टमाटर और अरबी की फसलें पानी में डूब गई हैं। निगोहां क्षेत्र में सई नदी का जलस्तर बढ़ने से जवाहरखेड़ा, चिरानीखेड़ा, मीरानपुर और बरवलिया गांवों में करीब 100 बीघा फसल जलमग्न हो गई है। इससे लगभग 50 किसान प्रभावित बताए जा रहे हैं।

माल, इटौंजा, निगोहां, बंथरा और सैथा क्षेत्र में भी नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। 24 घंटे में तीन से चार फीट तक पानी बढ़ने से हजारों किसानों की फसलें प्रभावित हुई हैं। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य जारी है, जबकि प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें