दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट पर सालाना 5.77 करोड़ पैसेंजरों व पौने चार लाख विमानों का आना-जाना होता है। जबकि अमौसी एयरपोर्ट पर सालाना 39 लाख पैसेंजर सफर करते हैं। दिल्ली एयरपोर्ट पर विमान की इमरजेंसी लैंडिंग नहीं कराई जा सकती थी। रनवे पर विमानों की कतार थी, जहां फुल इमरजेंसी घोषित करना मुश्किल था। इसलिए डायवर्ट कर लखनऊ लाया गया।
विमान जब अमौसी एयरपोर्ट से रवाना हुआ तो उसमें ईंधन फुल था। एटीआर-72 श्रेणी के विमान में पांच हजार किलो यानी पांच टन ईंधन था। एयरपोर्ट प्रशासन ने बताया कि ऐसे में विमान को दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड कराना खतरनाक साबित हो सकता था। इसलिए फ्लाइट को वापस लखनऊ डायवर्ट कर दिया गया, इस दौरान काफी ईंधन खर्च हो गया, जिसके बाद अमौसी एयरपोर्ट पर विमान की सकुशल लैंडिंग कराई गई।
विमान केलैंडिंग गियर की खराबी की सूचना पाकर यात्रियों के परिजन भी एयरपोर्ट पहुंच गए। उधर विमान की इमरजेंसी लैंडिंग की तैयारियां एयरपोर्ट प्रशासन पर चलती रही। इसी बीच विमान पायलट की सूझबूझ से लैंड हो गया। इसके बाद कुछ यात्रियों को अन्य विमानों से दिल्ली रवाना किया गया तो कई टिकट कैंसिल करवाकर घर लौट गए।