शारजाह से 182 यात्रियों को लेकर अमौसी एयरपोर्ट पहुंचा विमान
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शारजाह में फंसे 182 यात्री शनिवार को एयर इंडिया की फ्लाइट से वापस लखनऊ लाए गए। रात करीब 9 बजे फ्लाइट अमौसी एयरपोर्ट पहुंची, जहां यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग हुई। उनके लगेज को भी सैनिटाइज किया गया और उन्हें क्वारंटीन सेंटर भेज दिया गया। जहां उनकी आगे की जांचें भी होंगी।
कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के चलते 23 मार्च से देश में लॉकडाउन है। इस दौरान विमानों का संचालन पूरी तरह से बंद कर दिया गया, जिससे बड़ी संख्या में लोग खाड़ी देशों में फंस गए थे। अब उन्हें वापस लाया जा रहा है। इसी क्रम में शनिवार को अमौसी एयरपोर्ट पर यात्रियों का पहला जत्था पहुंचा। शारजाह के लिए दिल्ली से दोपहर में फ्लाइट रवाना हुई थी।
शारजाह में यात्रियों की मेडिकल जांच हुई और उन्हें एयर इंडिया की फ्लाइट में बैठा दिया गया। फ्लाइट संख्या आईएक्स 183 रात 9 बजे के आसपास अमौसी एयरपोर्ट पहुंची। फ्लाइट में कुल 182 यात्री थे, जिसमें 2 बच्चे भी शामिल हैं। देर रात तक यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग, कस्टम और इमीग्रेशन की जांच चलती रही। इसके बाद विमान को दिल्ली रवाना कर दिया गया।
डाउनलोड कराया आरोग्य सेतु एप
शारजाह से लखनऊ पहुंचे यात्रियों को विमान से उतारे जाने के बाद और थर्मल स्क्रीनिंग के पहले आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करवाया गया। जैसे-जैसे यात्री एप डाउनलोड करते गए वैसे-वैसे उनकी थर्मल स्क्रीनिंग कर आगे की प्रक्रिया के लिए बढ़ा दिया गया।
लगेज भी सैनिटाइज
यात्रियों का लगेज भी कन्वेयर बेल्ट पर पहुंचाए जाने से पहले सैनिटाइज किया गया ताकि उससे किसी भी तरह का संक्रमण फैलने की आशंका को खत्म किया जा सके।
चार कैटेगरी में किया गया क्वारंटीन
शारजाह से लखनऊ आने वाले यात्रियों को चार अलग-अलग कैटेगरी में क्वारंटीन करने की व्यवस्था की गई है। सदर तहसीलदार सूर्यकांत त्रिपाठी ने बताया कि शारजाह से लखनऊ आने वाले यात्रियों की पहले शारजाह एयरपोर्ट पर मेडिकल जांच की गई थी और वहां एनओसी लेकर ये लोग लखनऊ आए हैं। यहां एनओसी देखने के साथ ही प्रारंभिक मेडिकल जांच व अन्य जांचों के बाद यात्रियों को क्वारंटीन करने की व्यवस्था की गई है। इसके तहत चार कैटेगरी हैं, जिनमें तीन क्रमश: ए, बी व सी कैटेगरी पेड हैं। इसमें राजधानी के कोविड-19 के तहत आरक्षित होटलों में लग्जरी सुविधाओं के अनुसार शुल्क लेकर रुकने की व्यवस्था है। वहीं जो यात्री पेड सुविधा नहीं चाहते, उन्हें गोमती नगर में एमिटी यूनिवर्सिटी में बने क्वारंटीन सेंटर में रोकने की व्यवस्था की गई है।