नौतनवां ब्लॉक का बरवाकला गांव में ग्राम प्रधान ने कोरोना जैसी महामारी से निपटने के लिए अपने गांव और लोगों की सुरक्षा के लिए एक ठोस कदम उठाया। पहले से गांव में जगह-जगह लगे सीसीटीवी कैमरे से घर से बाहर निकलने वालों पर निगरानी रखी जा रही है। यदि कोई घर से बाहर निकलता है तो निगरानी टीम मौके पर पहुंचकर उसे घर के भीतर कर देती है।
कुशीनगर में स्वास्थ्य टीम का फूल देकर किया स्वागत
दुदही क्षेत्र के मैहरवा गांव में बाहर से घर लौटे लोगों की जांच करने पहुंची स्वास्थ्य टीम का गांव के लोगों ने गुलाब का फूल देकर स्वागत किया। गांव के जितेंद्र सिंह की अगुवाई में गांव के लोग पहुंचे और क्वारंटीन सेंटर के बाहर स्वास्थ्य टीम को गुलाब का फूल देकर स्वागत किया गया।
नींद उड़ गई, भूख कम हुई...बढ़ रहा डिप्रेशन...
झांसी मे क्वारंटीन किए गए लोगों में अवसाद के लक्षण सर्वाधिक मिल रहे हैं। क्वारंटीन सेंटरों तक मनोचिकित्सक भेजे जा रहे हैं। अभी तक 3000 नए मरीज सामने आ चुके हैं। इनमें झांसी के साथ ललितपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, जालौन और हमीरपुर के हैं। चिकित्सक सभी की काउंसलिंग कर रहे हैं। परिवार वालों से भी कहा जा रहा है कि उनके सामने किसी प्रकार की निगेटिव बातें न करें। योग और मेडिटेशन की सलाह दी जा रही है। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कालेज में मानसिक रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डा. ज्ञानेंद्र कुमार का कहना है कि मरीजों की संख्या निरंतर बढ़ रही है। नींद न आने की शिकायतें लेकर भी तमाम लोग आ रहे हैं। फोन करके दवाई पूछ रहे हैं। घबराहट और बेचैनी के मामले भी लगातार सामने आ रहे हैं। फोन पर भी वह लोगों को टिप्स दे रहे हैं। जिला अस्पताल की मनोचिकित्सक डा. शिकाफा जाफरीन का कहना है कि लोगों के मन में डर है। वह ज्यादा डरे हुए हैं जो पहले से डिप्रेशन में हैं। जिला अस्पताल में ही 1500 लोगों का इलाज चल रहा है। ऐसे में परिवार के लोग इनका ख्याल रखें। अपने पसंद के काम करें। संगीत सबसे अच्छा जरिया होता है।
हाथरस में सूने पड़े हैं क्वारंटीन सेंटर
यहां क्वारंटीन सेंटरों में लोग रुक नहीं रहे। सरकारी आंकड़ों में तो देहात में 165 लोग क्वारंटीन सेंटरों में रुके हुए हैं, लेकिन हकीकत यह है कि ज्यादातर सेंटर सूने पड़े हैं। बृहस्पतिवार को सादाबाद क्षेत्र के गांव बिसावर से क्वारंटीन सेंटर से 29 लोगों के भागने और फिर आने के मामले के दूसरे दिन शुक्त्रस्वार को अधिकारियों ने निरीक्षण भी किया और सख्ती भी बरती लेकिन ज्यादातर क्वारंटीन सेंटरों का सूनापन दूर नहीं हुआ। ऐसे में यहां होम क्वारंटीन की व्यवस्था तो सफल हुई है, इसकी अपेक्षा क्वारंटीन सेंटरों राहगीरों व बाहरी लोगों को रोकने के इंतजाम सफल नहीं हो सके हैं। सरकारी संसाधनों की कमी भी इसमें आड़े आ रही है।
आजमगढ़ में केंद्र छोड़ने वालों पर रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश
बिलरियागंज विकास खंड के बिंदवल गांव में क्वारंटीन सेंटर बनाया गया है। इसमें बाहर से आए गांव के लोगों को क्वारंटीन किया जा रहा है। यहां खाने आदि की उचित व्यवस्था न मिलने का आरोप लगाते हुए चार लोग सेंटर से घर चले गए। इसकी जानकारी होने पर डीएम ने लेखपाल को चारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया। गांवों में बने क्वारंटीन सेंटरों में रखे गए लोगों में से कुछ हंगामा करने से बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसे लोगों को डीएम ने ब्लाक के क्वारंटीन सेंटर भेजने का निर्देश सीडीओ को दिया है। जौनपुर में गांवों में बाहर से आए लोगों के क्वारंटीन सेंटर छोड़कर घर आने-जाने की शिकायतों के मद्देनजर डीएम ने सभी एसडीएम, बीडीओ और प्रभारी चिकित्साधिकारियों को गांवों में क्वारंटीन करने वालों को सूचीबद्ध कर उन्हें जिला अस्पताल लाने के निर्देश दिए हैं। उनके स्वास्थ्य का परीक्षण कराने के बाद उन्हें यहीं रखा जाएगा। चौदह दिन की तय समय सीमा से क्वारंटीन के नियमों को तोड़ने वालों पर कार्रवाई के लिए भी निर्देश दिया है।
शामली में ड्रोन कैमरों से हुई मस्जिदों की निगरानी...
ड्रोन कैमरे से होगी निगरानी
- फोटो : अमर उजाला
शामली जिले में लॉक डाउन की 11 दिन पुलिस प्रशासन का फोकस जुमे की नमाज पर रहा। पुलिस प्रशासन और खुफिया तंत्र मस्जिदों के आसपास सक्त्रिस्य रहा ड्रोन कैमरा से मस्जिद और आसपास की बस्तियों की निगरानी की गई ताकि भीड़ एकत्रित ना हो सके। इसके लिए ड्रोन कैमरा की भी मदद ली गई। उधर 3 दिन पूर्व झिंझाना क्षेत्र में मिले त्रिपुरा के 14 जमातीयों के नमूने स्वास्थ विभाग की टीम ले रही है जिन्हें जांच के लिए भेजा जाएगा। सुबह 3 घंटे खरीदारी के लिए लोग बाजारों में पहुंच रहे हैं लेकिन वाहनों से घूम रहे लोगों पर पुलिस प्रशासन ने सख्ती की है लोगों के वाहनों के चालान किए जा रहे हैं हालांकि बाजार में फल सब्जियों के दाम में कमी आई है और आटा भी दुकानों पर मिलने लगा है।