लखनऊ। अलसी का तेल तंबाकू की लत छुड़ाने में मददगार है। इसमें मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड तंबाकू की तीव्र इच्छा कम करता है। डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के 104 लोगों पर किए गए अध्ययन में यह निष्कर्ष निकला है। यह अध्ययन इंडियन जर्नल ऑफ क्लीनिकल बायोकैमिस्ट्री में प्रकाशित हुआ है।
अध्ययन के दौरान एक समूह को नियमित रूप से अलसी के तेल का सेवन कराया गया। अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि प्रतिभागियों में तंबाकू की तीव्र इच्छा और उससे जुड़े चिड़चिड़ेपन जैसे लक्षणों में कमी देखी गई।
रक्तचाप और लिपिड प्रोफाइल जैसे सामान्य स्वास्थ्य संकेतकों में भी सुधार देखा गया।
विभागाध्यक्ष डॉ. अजय कुमार वर्मा के अनुसार, अलसी के तेल में मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड मस्तिष्क के न्यूरोट्रांसमीटरों पर प्रभाव डाल सकता है, जो लत के व्यवहार को समझने में सहायक हो सकता है। ध्यान रहे कि किसी भी व्यसन के उपचार के लिए विशेषज्ञ की चिकित्सकीय सलाह अनिवार्य है।
फेफड़ों के कैंसर के 90% कारण तंबाकू
केजीएमयू के पल्मोनरी एवं क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. वेद प्रकाश ने बताया कि फेफड़ों के कैंसर के लगभग 90% मामलों का सीधा संबंध तंबाकू के सेवन से है। धूम्रपान छोड़ने से हृदय रोग, स्ट्रोक और कैंसर का जोखिम काफी कम हो जाता है। तंबाकू के कारण दुनिया भर में प्रतिवर्ष 80 लाख से अधिक और भारत में लगभग 13 लाख मौतें होती हैं। दूसरों द्वारा किए गए धूम्रपान का धुआं (पैसिव स्मोकिंग) भी उतना ही खतरनाक है, जो बच्चों और बुजुर्गों में अस्थमा और हृदय रोगों के खतरे को बढ़ाता है।
तंबाकू सेवन से नुकसान
फेफड़ों का कैंसर और सीओपीडी
हृदय रोग और स्ट्रोक
मुंह, गले और पेट का कैंसर
टीबी और सांस संबंधी गंभीर बीमारियां
गर्भावस्था में मां और शिशु दोनों के लिए खतरा
फेफड़ों पर असर
लगातार खांसी
सांस फूलना
घरघराहट
बार-बार संक्रमण
शरीर में ऑक्सीजन की कमी
छोड़ने के उपाय
निकोटीन रिप्लेसमेंट थेरेपी
चिकित्सकीय परामर्श और दवाएं
नियमित व्यायाम
शुगर फ्री गम या कैंडी का उपयोग
धूम्रपान करने वाले माहौल से दूरी
लक्षण
लगातार खांसी
सांस लेने में तकलीफ
घरघराहट
फेफडों में इन्फेक्शन
ऑक्सीजन की कमी