रायबरेली। जमींदारी विनाश अधिनियम के दायरे में न आने वाली जमीनों (नॉन जेड-ए भूमि) के अविवादित होने के बाद भी वरासत न होने पर सोमवार को राजस्व परिषद के अध्यक्ष हेमंत राव यहां गंभीर दिखे। उन्होंने कहा कि इसके लिए परिषद के स्तर पर कार्रवाई चल रही है। जल्द ही वरासत के ऐसे मामलों को निस्तारित कराया जाएगा। अध्यक्ष को राजस्व की कई पत्रावलियों में खामियां मिलीं, जिसे तुरंत दुरुस्त कराने के निर्देश दिए।
सोमवार को राजस्व परिषद के अध्यक्ष कलेक्ट्रेट और सदर तहसील के सभी पटलों पर पहुंचकर राजस्व से संबंधित पत्रावलियों को खंगाला। उन्होंने कहा कि जिले में भूमि आवंटन की प्रगति अच्छी है। तहसीलों में काउंटर बनाकर लोगों को तुरंत खतौनी दिलाई जा रही है। प्रदेश में घरौनी का 95 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि स्टॉफ की कमी को दूर कराने के लिए मांगपत्र भेजा गया है। आयोग के स्तर पर भर्ती की प्रक्रिया कराई जा रही है।
भर्ती के बाद जिले को मिले नए लेखपालों की तैनाती के संबंध में भी पड़ताल की। शासन से जारी आदेशों के अनुपालन के संबंध में भी बारीकी से खामियों को खंगाला। निरीक्षण के दौरान डीएम हर्षिता माथुर, एडीएम प्रशासन प्रफुल्ल कुमार त्रिपाठी, एडीएम वित्त एवं राजस्व पूजा मिश्रा, प्रशासनिक अधिकारी मनोज श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
साहब, बिना आदेश खतौनी में नाम दर्ज किया, अब बचा रहे
कलेक्ट्रेट में निरीक्षण के बाद फरियादियों ने राजस्व परिषद के अध्यक्ष को घेर लिया। शहर के 16/138 पुलिस लाइन रोड निवासी नील कुमार गुप्ता ने साक्ष्यों सहित शिकायतीपत्र दिया। आरोप लगाया कि सदर तहसील के अहमदपुर नजूल की जमीन की खतौनियों में बिना सक्षम अधिकारी के आदेश के दूसरे के नाम दर्ज करा दिया। जांच में मामला पकड़ में आने के बाद भी मुकदमा नहीं दर्ज कराया जा रहा है। खतौनी में गुलाम मोहम्मद का नाम काटकर घनश्याम, किरन का नाम काटकर देवेंद्र, भोला का नाम काटकर मेवा, सुलेम के स्थान पर सलीमा का नाम खतौनी में दर्ज कराया गया है।
मामले में मुकदमा दर्ज कराने की मांग की। शहर के ही चक सरैया कस्बा गिर्दनवाह में पीड़ित की जमीन पर अवैध निर्माण और प्लाटिंग का आरोप शकील अहमद ने लगाकर कार्रवाई की मांग की। इसी तरह अन्य फरियादियों ने न्याय की गुहार लगाई।