प्रमुख सचिव एमएसएमई नवनीत सहगल
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आगरा के साथ लखनऊ, गोरखपुर व गाजियाबाद में भी ‘फ्लैटेड फैक्ट्री कांप्लेक्स’ बनाए जाएंगे। एमएसएमई विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. नवनीत सहगल ने इसकी विस्तृत रूपरेखा तैयार करके केंद्र सरकार को भेजने के निर्देश दिए हैं। इन कांप्लेक्स में एक ही जगह कई उद्योग संचालित किए जा सकेंगे।
उन्होंने ओडीओपी योजना के तहत क्लस्टर के विचाराधीन प्रकरणों के जल्द निपटारे के भी निर्देश दिए। वे बृहस्पतिवार को लोकभवन में एमएसएमई-सीडीपी के तहत राज्य स्तरीय स्टीयरिंग कमेटी की अध्यक्षता कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि संतकबीर नगर में ब्रासवेयर, गोरखपुर में टेराकोटा/पॉटरी, सोनभद्र में कॉरपेट एवं दरी तथा अलीगढ़ में बाल बियरिंग स्लाइड चैनल एंड अदर मॉडुलर फिटिंग एंड फिक्चर क्लस्टर का काम जल्द शुरू कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने एमएसई-सीडीपी के अवसंरचना विकास योजना के तहत नए प्रस्तावों की विस्तार से समीक्षा की और प्रदेश के सात औद्योगिक आस्थानों में मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए स्वीकृत प्रस्तावों पर सहमति प्रदान की। इनमें तालकटोरा लखनऊ, सराय मलुही एवं खैराबाद सीतापुर, सिद्धिकपुर जौनपुर, नैनी प्रयागराज, झीझंक कानपुर देहात तथा ठंडी सड़क फर्रूखाबाद के औद्योगिक आस्थान शामिल हैं।
उन्होंने निर्देश दिए कि सभी औद्योगिक आस्थानों में सड़क, नाली आदि का गुणवत्तायुक्त कार्य होना चाहिए। जिन औद्योगिक आस्थानों में इकाइयां अभी शुरू नहीं हुई उनको शीघ्र शुरू कराने के प्रयास किए जाएं। बैठक में उद्योग विभाग के अधिकारियों के अलावा एमएसएमई मंत्रालय भारत सरकार के अधिकारी भी शामिल थे।