वक्फ की जमीनों पर फ्लैट्स बनाकर इन्हें लीज पर दिया जाएगा। इस काम को पीपीपी मॉडल पर किया जाएगा। वक्फ की जो जमीनें व्यावसायिक क्षेत्रों में होंगी, वहां दुकानें आदि बनाने का काम होगा। इससे होने वाली आय मुस्लिम समाज के कल्याण पर खर्च की जाएगी। इसके लिए राज्य सरकार कार्ययोजना तैयार करवा रही है।
यूपी में वर्तमान में सुन्नी और शिया वक्फ बोर्ड के तहत वक्फ की तादाद 1.30 लाख से ज्यादा है। इनके नाम लाखों हेक्टेयर जमीन है। इंतजामिया की मिलीभगत से इसमें से काफी जमीन पर अवैध कब्जे भी हो चुके हैं। अवैध कब्जों वाली इन जमीनों को खाली कराने के लिए इनकी पहचान का काम भी करवाया जा रहा है। जल्द ही सरकार गैरकानूनी कब्जेदारों के खिलाफ सख्त कदम उठाएगी।
चूंकि ये जमीनें गरीबों की मदद के लिए वक्फ की गई थीं। इसलिए इनका उन्हीं लोगों के हित में इस्तेमाल करने का निर्णय लिया गया है। ये संपत्तियां इतनी ज्यादा जगह बिखरी हुई हैं कि किसी एक विभाग या बोर्ड के लिए उनका समुचित विकास करवा पाना मुमकिन नहीं है। इसलिए इस काम में निजी उद्यमियों को शामिल करने पर भी सहमति बन चुकी है। इस तरह के प्रयोग वक्फ डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया केरल समेत कई राज्यों में कर चुका है।
हमने वक्फ की संपत्तियों को पीपीपी मॉडल पर विकसित करने की योजना बनाई है। खुली बिड के माध्यम से ये काम दिए जाएंगे। जल्द ही इस बाबत नियमावली भी जारी कर दी जाएगी।
-मोहसिन रजा, वक्फ राज्यमंत्री, उत्तर प्रदेश