फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नाले में मिली पांच साल की बच्ची की लाश, निजी अंगों में पाई गईं चोटें

Wed, 28 Jun 2017 02:49 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
विज्ञापन
डेमो - फोटो : demo pic
विज्ञापन
लखनऊ में ठाकुरगंज में ईद की सुबह करीब नौ बजे घर के बाहर खेलते हुए लापता पांच साल की बच्ची का शव मंगलवार सुबह नाले में मिलने से सनसनी मच गई। परिवारीजनों ने ठाकुरगंज थाना में उसकी गुमशुदगी की सूचना दर्ज कराई थी।
विज्ञापन


बच्ची के शरीर पर चोटों के निशान थे और नाक से खून निकल रहा था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके निजी अंग में भी चोटें पाई गईं। रिपोर्ट के मुताबिक, बच्ची की मौत पानी में डूबने से हुई है।

इस बीच इलाके में ही रहने वाले व्यक्ति ने किसी महिला को बच्ची को टॉफी खिलाते और उसके बाद बाइक सवार दो युवकों के बीच बेसुध हालत में जाते हुए देखने की बात कहकर हड़कंप मचा दिया। इलाकाई लोगों ने बच्ची से दुष्कर्म की आशंका जताई है।
विज्ञापन


हालांकि, पुलिस इसे हादसा मान रही है। एसएसपी दीपक कुमार का कहना है कि बच्ची का शव घर से करीब 200 मीटर दूर नाले में मिला है। छानबीन की जा रही है। कुछ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। वहीं, इलाकाई लोगों ने दुष्कर्म की आशंका जताई है। 

पुलिस ने बताया कि बच्ची का पिता मूलरूप से हरदोई का है और 18 साल से यहां ठाकुरगंज में रहकर दूध का कारोबार कर रहा है। उसके साथ पत्नी, डेढ़ साल का बेटा, माता-पिता व छोटा भाई और बहू रहते हैं। गर्मी की छुट्टी पर पत्नी बच्चों को लेकर हरदोई स्थित मायके गई थी।

चार दिन पहले पिता ससुराल गया और बेटी की जिद पर उसे साथ ले आया। सोमवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे वह ईद की नमाज पढ़ने के लिए घर से निकला था। करीब दो घंटे बाद लौटा तो बेटी नजर नहीं आई।

 

पुल‌िस ने मौके पर जाकर की पड़ताल

डेमो - फोटो : डेमो ‌प‌िक
उसने परिवारीजनों से पूछा तो पता चला कि वह रिश्ते की बहन के साथ घर के बाहर ही खेल रही थी। परिवारीजनों ने रिश्तेदारों-परिचितों के घर खोजबीन शुरू की लेकिन, कुछ पता नहीं चला।

​दोपहर करीब 12 बजे पिता ने थाने जाकर रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने लगभग एक बजे बच्ची के गायब होने का मैसेज सभी थानों को प्रसारित कराया। ठाकुरगंज पुलिस ने मौके पर जाकर भी पड़ताल की। आसपास के लोगों से पूछा गया लेकिन किसी ने बच्ची को देखने की जानकारी नहीं दी।

उधर, शाम तक यह खबर इलाके में फैल गई। वहीं, रहने वाले युवक ने यह सुना तो बच्ची के पिता से संपर्क किया। हुलिया बताने पर युवक ने कहा कि सुबह वह नमाज पढ़ने जा रहा था तो रास्ते में एक महिला को इसी हुलिए की बच्ची को टॉफी खिलाते देखा था।

कुछ देर बाद वही बच्ची एक पैशन प्रो बाइक से जाते दिखी। बच्ची बेसुध थी और बाइक सवार युवकों के बीच बैठी थी। यह नजारा देखकर उसे कुछ अजीब सा लगा था। इस जानकारी से इलाके में सनसनी मच गई।

बच्ची के अपहरण की आशंका ने पुलिस अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए। मंगलवार सुबह करीब आठ बजे इलाके के युवकों ने नगरिया नाले में बच्ची का शव पड़ा होने की सूचना दी तो सनसनी मच गई।

दोनों ने शव बाहर निकाला तो शरीर पर चोटों के निशान मिले। एसएसपी दीपक कुमार सहित अन्य पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल जाकर निरीक्षण किया। देर रात तक परिवारीजनों ने किसी रंजिश अथवा अनहोनी की आशंका से इन्कार किया है।

घर में थी सबकी लाडली

डेमो - फोटो : demo pic
बच्ची के खेलते-खेलते नाले में गिरने की आशंका से इलाके के लोगों ने शाम को नगरिया नाला भी खंगाला था। पुलिस ने बताया कि नगरिया नाला बस्ती के बीच से गुजरता है।

उसमें घुटनों से ऊपर पानी है जिसमें बच्ची डूबकर भी मर सकती है। इलाकाई लोगों ने नाला खंगालने के लिए उसका पानी भी रुकवा दिया था। हालांकि, शव नहीं मिला।

‌‌प‌िता ने कहा क‌ि उसकी ‌क‌िसी से दुश्मनी  उसकी किसी से दुश्मनी, लेन-देन का विवाद, जमीन का झगड़ा नहीं है।वह आर्थिक रूप से भी इतना संपन्न नहीं है कि कोई फिरौती के लिए अपहरण करे।

ऐसे में बेटी को उठाकर ले जाने और उसे मारकर शव नाले में फेंकने की कोई वजह समझ नहीं आ रही। इलाके में भी पीड़ित परिवार की छवि काफी अच्छी है।पीड़ित पिता ने कहा कि हो सकता है कि यह बच्चों को अगवा करने वाले किसी गिरोह का काम हो।

फिलहाल पुलिस ने इलाके की दो महिलाओं और एक किशोर को उठाया है। महिलाएं कई साल से स्मैक बेचती हैं जबकि किशोर भी कुछ दिन से स्मैक के धंधे में है।  बच्ची माता-पिता की एकलौती बेटी थी और इलाके के ही एक स्कूल में केजी में पढ़ती थी।

वह घर पर सबकी लाडली थी। बच्ची की मौत से ईद की खुशियां मातम में बदल गईं। लाडली के नये कपड़े, खिलौने और सिंवईं धरे रह गए। सूचना पाकर मायके से आई मां की आंखों से आंसुओं की धार थमने का नाम नहीं ले रही थी।उसकी दादी का गला पिछली ईद की बातें सुनाते-सुनाते भर्रा गया। डेढ़ साल का पोता भी उन्हें रोता देखकर चीखने लगा। पड़ोसियों ने उसे संभाला। 

 
विज्ञापन

स्मैक‌ियों और अराजक तत्वों का अड्डा है बस्ती

डेमो - फोटो : demo pic
ठाकुरगंज की जिस कॉलोनी में बच्ची रहती थी, वह स्मैकियों और अराजक तत्वों का अड्डा है। यहां सुबह से रात तक जगह-जगह आवारा लड़कों की टोलियां और नशेबाज एकत्र रहते हैं।

शराब, स्मैक-चरस और गांजा के नशे में घूमते लोग हुल्लड़ मचाते हैं। अक्सर नशेबाज आपस में ही मारपीट कर लेते हैं। छेड़छाड़ की घटनाएं यहां आम हैं। लोगों का शक है कि स्मैकिए ही बच्ची को उठा ले गए होंगे और पकड़े जाने के डर से नाले में फेंक दिया होगा।

इलाकाई लोगों का कहना है कि नाले में जिस जगह पर मासूम का शव मिला, वहां बाहरी व्यक्तियों की आवाजाही न के बराबर है। बस्ती की उस जगह से वही लोग आते-जाते हैं जो रास्ते अच्छी तरह से पहचानते हैं अथवा इलाके के ही रहने वाले हैं। इस जानकारी के बाद लोग बच्ची को ले जाने में बस्ती के ही किसी व्यक्ति का हाथ होने की आशंका जता  रहे हैं। 

‘बच्ची के साथ कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है। उसके कपड़े सही सलामत हैं। निजी अंगों व शरीर पर जो चोटें-खरोंचे हैं, वह नाले में गिरने और पानी में जमा कूडे़ की वजह से आई हैं। नाले में गिरने पर वह डूब गई और मौत हो गई।’ - दीपक कुमार, एसएसपी
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें