लखनऊ। विकासनगर में एक कपड़े प्रेस करने वाले युवक, सरोजनीनगर में निजी कंपनी के कर्मी, काकोरी में ढाबा संचालक, गाजीपुर इलाके में छात्र और दुबग्गा में डीजे चलाने वाले युवक ने फांसी लगाकर जान दे दी। पांचों घटनाएं शनिवार, रविवार और सोमवार को हुईं।
इटौंजा निवासी रामसेवक (45) विकासनगर के शेखूपुरा में पत्नी मंजू और बच्चों के साथ रहकर घर से पास ही कपड़ों में प्रेस का काम करते थे। पत्नी मंजू के अनुसार रविवार शाम पति नशे में घर लौटे और बच्चों से झगड़ा कर चले गए। सोमवार सुबह रामसेवक का शव उनकी गुमटी में फंदे पर लटका मिला। मृतक के भाई ने मामले में जांच की मांग की है।
कानपुर नगर के रेल बाजार निवासी टीकम सिंह यादव (37) सरोजनीनगर के बदालीखेड़ा में नीरज कुमार गोस्वामी के घर में किराए पर रहते थे। पत्नी प्रियंका व दो बच्चे भी साथ रहते थे। निजी कंपनी में सुपरवाइजर टीकम ने रविवार देर रात घर में फांसी लगाकर जान दे दी। टीकम के पिता सुरेश ने बहू पर हत्या का आरोप लगाया है।
काकोरी के राजाराम टोला निवासी शैलेंद्र यादव भाई रोहित यादव उर्फ मुन्ना (23) के साथ हरदोई रोड पर कुशमौरा मोड़ के पास ढाबा चलाते है। शैलेंद्र के मुताबिक रोहित सोमवार दोपहर स्कूटी लेकर घर से निकले थे, लेकिन देर रात तक नहीं लौटे। मंगलवार सुबह किसानों ने रोहित का शव आम की बाग में फांसी पर लटका देखा। परिजनों ने रोहित की हत्या का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि रोहित का शव जिस साड़ी से बंधे फंदे पर लटका मिला, वह साड़ी उन लोगों की नहीं है।
दुबग्गा के जेहटा निवासी अभिषेक कुमार (28) ने सोमवार रात फांसी लगाकर जान दे दी। मृतक के भाई श्रवण ने बताया कि अभिषेक डीजे का काम करते थे। पुलिस छानबीन कर रही है।
हरदोई निवासी उदयभान (19) गाजीपुर के पटेलनगर में रहकर बीएससी द्वितीय वर्ष की पढ़ाई करता था। वह आइसक्रीम की एक फैक्टरी में काम भी करता था और वहीं रहता भी था। शनिवार रात उदयभान फैक्टरी के बेसमेंट में फांसी के फंदे पर लटका मिला। आत्महत्या की वजह पता नहीं चल सकी।