गाजीपुर जिले के मेजर रमाकांत चौरसिया के मुताबिक 2017 में उन्होंने कंपनी के मालिक प्रमोद कुमार उपाध्याय व निदेशक विनोद कुमार उपाध्याय से संपर्क किया। उन्होंने पत्नी के नाम पर कंपनी से आठ लाख का प्लॉट बुक कराया था। अब तक आरोपी भाइयों ने उन्हें न तो कब्जा दिया और न ही रकम लौटाई। उधर, झारखंड के रांची निवासी सैनिक राजेश कुमार सिन्हा ने कंपनी से पत्नी कुमारी श्वेता व खुद के नाम पर 16 लाख रुपये का प्लॉट बुक कराया था। उन्हें भी कब्जा नहीं मिला। रकम मांगने पर आरोपी धमकाने लगे। वहीं, बलिया निवासी सैन्यकर्मी कमलेश कुमार से 2017 में दस लाख और बिहार के मधुबनी में रहने वाले रिटायर्ड सैन्यकर्मी राजकुमार महतो से 2020 में 26 लाख रुपये प्लॉट के नाम पर ऐंठे गए।
डीएम के सामने बेसुध हुई पीड़िता
उधर, कानपुर की शालिनी से 2020 में आरोपी बिल्डर भाइयों ने प्लॉट के नाम पर 16 लाख ठगे थे। शालिनी फरियाद लेकर शनिवार को तहसील में आयोजित समाधान दिवस में डीएम के पास पहुंची थीं। फूट-फूट कर रोने के कारण वह बेसुध हो गई थीं। डीएम ने मोहनलालगंज पुलिस को कार्रवाई के आदेश दिए थे। पुलिस ने आरोपियों पर केस दर्ज कर लिया। इंस्पेक्टर डीके सिंह के मुताबिक आरोपी प्रमोद को जेल भेजा जा चुका है। वहीं उसके भाई विनोद की तलाश जारी है।