लखनऊ। राजधानी के हाईवे किनारे स्थित पांच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) को ट्रॉमा सेंटर के रूप में अपग्रेड करने की योजना बजट के अभाव में फंसती दिख रही है। इन केंद्रों को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने शासन से तीन करोड़ रुपये के बजट की मांग की है। बजट मिलने के बाद ही यहां निर्माण कार्य और अपग्रेडेशन की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी।
लखनऊ की कुल 20 सीएचसी में से 12 ग्रामीण इलाकों में हैं। सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को तत्काल इलाज देने के उद्देश्य से सड़क सुरक्षा योजना के तहत पांच सीएचसी मोहनलालगंज, काकोरी, चिनहट, गोसाईंगंज और सरोजनीनगर का चयन किया गया है। इन स्वास्थ्य केंद्रों को ट्रॉमा सपोर्ट सेंटर में बदला जाना है।
सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने बताया कि प्रत्येक सीएचसी को ट्रॉमा सेंटर के रूप में विकसित करने पर लगभग 60 लाख रुपये का खर्च आने का अनुमान है। विभाग ने कुल तीन करोड़ रुपये के बजट के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा है। इस बजट से प्रत्येक सीएचसी में गंभीर मरीजों के लिए 5 बेड का आईसीयू तैयार होगा। विशेषज्ञ डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती की जाएगी। मरीजों को 24 घंटे पैथोलॉजी और रेडियोलॉजी (एक्स-रे आदि) की सुविधा मिलेगी। हाईवे पर होने वाले हादसों के पीड़ितों को शहर भागने के बजाय पास की सीएचसी में ही गोल्डन ऑवर में इलाज मिल सकेगा।