मुख्यमंत्री बनते ही महंत आदित्यनाथ योगी एक्शन में नजर आए। शपथ लेने के बाद उन्होंने कई फैसले सुनाए। फैसलों पर एक नजर।
1. मुख्यमंत्री ने अपने सभी मंत्रियों को अनावश्यक बयानबाजी से बचने की हिदायत देते हुए कहा कि वे अनावश्यक रूप से किसी भी मुद्दे पर टिप्पणी करने से बचें ताकि किसी की भावना आहत न हो।
2. मुख्यमंत्री ने अपने सभी मंत्रियों को 15 दिन के भीतर अपनी आय व अचल संपत्ति का ब्योरा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। यह ब्योरा पार्टी संगठन व मुख्यमंत्री के सचिव को देना होगा।
3. मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा को जनादेश विकास, बिजली, पानी, सड़क की व्यवस्था सुधारने, चरमराई कानून-व्यवस्था दुरुस्त करने, शिक्षा-स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार, सूखे पड़े नहर-नालों में पानी पहुंचाने के लिए मिला है। सरकार हर वर्ग की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का काम करेगी।
4. मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार जिस कार्यपद्धति पर काम कर रही है, वैसी ही कार्यपद्धति प्रदेश की शासन व्यवस्था में लागू की जाएगी। सरकार 18 घंटे काम कर लोगों की अपेक्षाओं को पूरा करेगी। 14 साल के कुशासन व भ्रष्टाचार के गठजोड़ से शासन व्यवस्था बिगड़ी है। सरकार इसे जल्द से जल्द बहाल करने का काम करेगी।
5. किसानों की कर्जमाफी व यांत्रिक कत्लखानों पर पाबंदी जैसे फैसले कैबिनेट की पहली बैठक में ही लिए जाएंगे। मुख्यमंत्री अधिकारियों से बात कर जल्द ही कैबिनेट की पहली बैठक की तिथि तय करेंगे। नवनियुक्त मंत्रियों के विभाग के बंटवारे पर कैबिनेट में कोई चर्चा नहीं हुई। श्रीकांत ने बताया कि विभाग वितरण पर मुख्यमंत्री निर्णय करेंगे।