फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lucknow News: पार्षद की फर्जी मुहर और लेटरपैड से म्यूल खाते खुलवाने के पांच आरोपी गिरफ्तार

Thu, 15 Oct 2026 02:58 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
विज्ञापन
पुलिस की​ गिरफ्त में आरोपी।
विज्ञापन
लखनऊ। पार्षद की फर्जी मुहर और लेटरपैड के जरिये दस्तावेज तैयार कर म्यूल खाते खुलवाने वाले गिरोह के पांच लोगों को आशियाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों को मंगलवार रात करीब 8:30 बजे देवीखेड़ा मोड़ से पकड़ा गया। गिरोह का सरगना कार्तिक भागा चल रहा है।
विज्ञापन

इंस्पेक्टर आशियाना गजेंद्र कुमार राय ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गोंडा के मनकापुर निवासी श्रीकांत वर्मा, बस्ती के गौर निवासी आकाश मौर्य, गोंडा के खुडारी निवासी आयुष प्रताप सिंह, बलरामपुर के रेहरा बाजार निवासी रजनीश वर्मा और कल्याणपुर के पूर्व नानकारी निवासी दीपक सिंह राठौर के रूप में हुई है। इंस्पेक्टर का मुताबिक, हरदोई के बिलग्राम निवासी शिवम कुमार ने मंगलवार को रजनीश वर्मा और श्रीकांत वर्मा के फर्जीवाड़े की सूचना दी थी। जांच के बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे ग्रामीण क्षेत्रों के जरूरतमंद लोगों को रुपये का लालच देकर लखनऊ लाते थे और किराये पर कमरे दिलाते थे। इसके बाद क्षेत्रीय पार्षद की फर्जी मुहर और लेटरपैड से प्रमाणपत्र तैयार कराते थे। इन दस्तावेज के आधार पर फर्जी आधार कार्ड बनवाकर विभिन्न बैंकों में उनके नाम से 10 खाते खुलवाते थे। बाद में खाताधारकों से डेबिट कार्ड, चेकबुक, मोबाइल नंबर और अन्य दस्तावेज लेकर इन खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम लेने के लिए करते थे।
विज्ञापन

मल्हौर की सभासद का मिला जाली लेटरपैड
इंस्पेक्टर के अनुसार, आरोपियों ने मल्हौर की सभासद ममता रावत को पहले आशियाना के रजनीखंड का पार्षद दर्शाया था। इसके बाद उनके नाम की फर्जी मुहर और लेटरपैड का इस्तेमाल कर दस्तावेज तैयार किए गए। आरोपियों के कब्जे से फर्जी लेटरपैड और मुहर, सात मोबाइल फोन, चार हजार रुपये, 13 डेबिट कार्ड, एक फर्जी आधार कार्ड, दो पासबुक, एक चेकबुक, आठ प्रिंटआउट और एक बाइक बरामद की गई है। सरगना कार्तिक की तलाश में लखनऊ के आसपास के जिलों में दबिश दी जा रही है।
विज्ञापन

यह होता है म्यूल खाता
यह ऐसा बैंक खाता होता है, जिसका इस्तेमाल ठगी, साइबर अपराध या अवैध लेनदेन से हासिल रकम को एक जगह से दूसरी जगह भेजने के लिए किया जाता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें