ग्रामीणों ने मगरमच्छ को बनाया बंधक
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सकरन (सीतापुर) में बकवा माइनर में मछली पकड़ रहे एक मछुवारे पर अचानक मगरमच्छ ने हमला कर दिया। चीख-पुकार सुनकर पंहुचे ग्रामीण वहां का नजारा देख भौंचक्के रह गए। कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने मगरमच्छ को बंधक बना लिया। तब मछुवारे की जान बच पाई। जख्मी मछुवारे को सीएचसी में भर्ती कराया गया है। मगरमच्छ वन विभाग के सुपुर्द कर दिया गया है। शारदा सहायक नहर से निकली बकवा माइनर में मछलियां भी पानी के साथ आ जाती हैं। आसपास गांवो के लोग इसमें मछलियां पकडते रहते हैं।
थानाक्षेत्र के भिठमनी गांव निवासी मछुवारा रामचन्द्र (35) पुत्र रामभरोसे बुधवार दोपहर अपने साथियों के साथ बकवा माइनर में मछली पकड रहा था। इसी दौरान माइनर से एक मगरमच्छ ने अचानक रामचंद्र पर हमला कर दिया। मगरमच्छ ने रामचन्द्र का हाथ अपने मुंह में रख लिया। रामचन्द्र के चीखने चिल्लाने पर वहां मौजूद अन्य लोगों ने मगरमच्छ के चंगुल से किसी तरह रामचन्द्र को बचाते हुए बाहर निकाला।
इसके बाद ग्रामीणों ने मगरमच्छ को जिंदा पकड लिया। वन विभाग को सूचना दी गई। वन विभाग के अधिकारी के पंहुचने पर मगरमच्छ उनके सुपुर्द कर दिया गया। परिजनों ने घायल रामचन्द्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बिसवां में भर्ती कराया है। वन दरोगा छत्रपति सिंह चौहान ने बताया कि पकड़ा गया मगरमच्छ बच्चा है। पानी के साथ वह माइनर में पंहुच गया होगा। उसे चहलारी घाट पर सरयू नदी में छोड दिया जाएगा।