शुक्रवार की शाम गोरखपुर और लखनऊ के बीच चलने वाली वंदे भारत ट्रेन को पीएम मोदी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह ट्रेन शाम करीब पौने पांच बजे चलकर रात पौने दस बजे लखनऊ पहुंची। इस पहली ट्रेन यात्रा में आम लोगों के साथ पत्रकारों, समाजसेवियों, छात्र-छात्राओं, रेलवे व अन्य विभागों के अफसरों को यात्रा के लिए इनवाइट किया गया था।
इसी सिलसिले में रेलवे ने यूट्यूबर्स को भी इनवाइट कर रखा था, लेकिन ट्रेन की बोगियों में इतने यूट्यूबर्स हो गए थे, जिनकी वजह से अन्य यात्रियों को असुविधाओं का सामना करना पड़ा। जब ट्रेन गोरखपुर से चली तो उसमें थोक के भाव यूट्यूबर भरे थे। जिन्हें रेलवे ने पास दिए थे। इन्होंने दूसरे यात्रियों का बैठना दूभर कर दिया।
डिब्बों में इतनी भीड़ थी कि एक हाईस्पीड ट्रेन पैसेंजर ट्रेन सरीखी लग रही थी। अयोध्या के आगे आते-आते यूट्यूबरों में झगड़े की नौबत भी पैदा हो गई। दो सौ के करीब यूट्यूबर्स ट्रेन में सवार हुए थे। दृश्यों को शूट करने और मुसाफिरों से बात करने के चक्कर में ये कई बार आपस में ही लड़ बैठते। कई बार ऐसी झड़पें हुईं जिन्हें जैसे-तैसे बीच-बचाव कराकर शांत कराया गया।
वीडियो बनाते रहे, ट्रेन चल दी
अयोध्या रेलवे स्टेशन पर जब वंदे भारत एक्सप्रेस पहुंची तो कुछ लोग ट्रेन के अंदर सवार हो गए और वीडियो बनाने लगे। इसी बीच ट्रेन में चलना शुरू कर दिया और ट्रेन के दरवाजे ऑटोमेटिक बंद हो गए। जिसके बाद मजबूरन उन्हें अयोध्या से बाराबंकी के सफर करना पड़ा और बाराबंकी रेलवे स्टेशन से अपने निजी साधनों से अयोध्या लौटना पड़ा।
फोटो खिंचाने आए थे विधायक जी, बंद हो गई ट्रेन
बाराबंकी रेलवे स्टेशन पर एक विधायक जी ट्रेन के आगमन पर पहुंचे थे। ट्रेन के बाराबंकी में रुकने पर वह सी-3 बोगी में समर्थकों के साथ पहुंचे। उनके समर्थक विधायक जी की फोटो खींच रहे थे, इसी बीच ट्रेन के दरवाजे आटोमेटिक बंद हो गए। जिससे समर्थक व विधायक ट्रेन में ही रह गए और उन्हें लखनऊ उतरना पड़ा। मीडिया के सामने किरकिरी न हो, इसलिए विधायक जी कहने लगे कि उन्हें तो लखनऊ ही जाना था, इसलिए ट्रेन में सवार हुए हैं।