राजधानी के मतदाताओं को इस बार इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से एकदम नया अनुभव मिलेगा।
चुनाव आयोग लखनऊ लोकसभा सीट पर पहली बार ईवीएम के साथ प्रिंटर जोड़ने जा रहा है।
इसके जरिए मतदाता यह तस्दीक कर सकते हैं कि उन्होंने ईवीएम से जो वोट दिया है, वो उसी प्रत्याशी को पड़ा है जिसे वे देना चाह रहे थे।
प्रदेश में लखनऊ ही ऐसी लोकसभा सीट है जिसमें यह प्रयोग होने जा रहा है। इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में यहां आजमाया जा रहा है।
आयोग ने इसे ‘वोटर वैरीफियेबिल पेपर ऑडिट ट्रेल’ (वीवीपीएटी) का नाम दिया है। इसके तहत ईवीएम में एक प्रिंटर जोड़ दिया जाएगा।
मतदाता जैसे ही अपना वोट डालेंगे प्रिंटर से सीरियल नंबर, प्रत्याशी का नाम व उसकी पार्टी का सिंबल बनकर आ जाएगा।
इसे देखकर मतदाता आश्वस्त हो सकते हैं कि उन्होंने उसी प्रत्याशी को वोट दिया है, जिसे वह देना चाहता हैं।
हालांकि मतदाता इसका प्रिंट नहीं ले जा सकेंगे। ऐसा मतदान की गोपनीयता भंग न हो और सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है।
प्रिंटर से निकला कागज मतदाता के देखने के बाद अपने आप ही पास रखे सील्ड कंटेनर में चला जाएगा।
आयोग ने यह पहल इसलिए की है क्योंकि कई बार यह अफवाह होती है कि ईवीएम का सॉफ्टवेयर पहले से ही गड़बड़ है। ऐसे में किसी भी बटन को दबाने के बावजूद वोट किसी एक को ही जाएगा।
इसी भ्रम को दूर करने व निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए आयोग ने ईवीएम के साथ प्रिंटर लगाने की योजना बनाई है।