लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से उद्यमिता कौशल को बढ़ावा देने के लिए यूनिवर्सिटी इनक्यूबेशन सेल के पहले स्टार्टअप को प्रदेश सरकार ने पंजीकृत और अनुमोदित कर दिया है। यह कंपनी बिजनेस टू बिजनेस प्लेटफॉर्म के रूप में इनोवेटिव फूड डिलीवरी मॉडल पर काम करेगी। इनक्यूबेशन सेल की ओर से इससे जुड़ी अन्य तैयारियों को पूरा कराया जाएगा।
इस स्टार्टअप से रेस्तरां और खुदरा स्टोरों को कच्चा माल व अन्य व्यावसायिक आवश्यकताएं प्रदान की जाएंगी। बीकॉम द्वितीय वर्ष के छात्र अमन कुमार शर्मा की ओर से शुरू की गई कंपनी में उनके साथ विशाल शर्मा, निशीथ थॉमस, शैलेश गुप्ता भी शामिल हैं। अमन ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान इस पर काम शुरू किया। जल्द ही इसका एक एप भी विकसित किया जाएगा। मूलरूप से महराजगंज के नौतनवा निवासी अमन ने एसकेडी से इंटर करके लविवि से बीकॉम की पढ़ाई शुरू की है।
इनक्यूबेशन सेल के निदेशक प्रो. अमृतांशु शुक्ला ने बताया कि कैप्सिको ई-कॉमर्स प्राइवेट लिमिटेड ने अमन कुमार शर्मा की कंपनी को प्रदेश सरकार की स्टार्टअप कंपनी के रूप में पंजीकृत कराया है। उन्होंने बताया कि विवि इस तरह के स्टार्टअप के लिए पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने के लिए हर संभव सहयोग दे रहा है। जल्द ही कुछ और कंपनियों को पंजीकृत किया जाएगा।
बता दें कि नवाचारों, उद्यमिता और स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय ने पहले से ही सेक्शन-8 कंपनी के रूप में नवांकुर फाउंडेशन की स्थापना की है। फाउंडेशन के माध्यम से यूनिवर्सिटी इनक्यूबेशन सेल लोगों के सामने आने वाली कई तकनीकी-सामाजिक, आर्थिक चुनौतियों को हल करने में सरकारी विभागों और एजेंसियों को भी सहयोग प्रदान करेगा।