लखनऊ। पेट्रोल की बढ़ती कीमतों और एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से गाड़ियों के खराब होने की खबरों ने उपभोक्ताओं को परेशान किया है। इसके परिणामस्वरूप, इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की मांग फिर बढ़ी है। एक से डेढ़ महीने में ईवी बाजार 10-15 फीसदी की वृद्धि से बढ़कर 40-45 फीसदी की रफ्तार से दौड़ रहा है।
ईवी सेगमेंट के डीलरों के अनुसार, दोपहिया वाहनों की बिक्री में सर्वाधिक वृद्धि हुई है। पहले ई-स्कूटी का बाजार 10-15 फीसदी था, जिसमें 30 फीसदी का इजाफा हुआ है। अब दोपहिया वाहनों की बिक्री 40-45 फीसदी तक पहुंच गई है। इसी तरह, चार पहिया वाहनों की बिक्री भी 15-20 फीसदी बढ़ी है। पहले यह बाजार 10 फीसदी का था, जो अब 20-25 फीसदी तक पहुंच गया है।
ईवी बाजार में माल की हुई कमी
Iमांग बढ़ने से ईवी बाजार में माल की कमी हो गई है। कंपनियां जितनी भी गाड़ियां आपूर्ति कर रही हैं, वे सब बिक जा रही हैं। ई-कार और ई-स्कूटी दोनों ही सेगमेंट में माल की कमी है।I
I- प्रतीक जैन, प्रदेश अध्यक्ष, फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशनI
ईवी का खर्च बेहद कम
Iपेट्रोल बाइक पर 2.5 रुपये प्रति किलोमीटर का खर्च आता है। वहीं, ईवी से मुश्किल से 15-20 पैसे प्रति किलोमीटर का खर्च पड़ता है, साथ ही मेंटेनेंस भी कम है। पहले लखनऊ भर में 100-1500 गाड़ियों का औसत था, जो एक महीने में 2,500-3,000 गाड़ियों की बिक्री तक पहुंच गया है। I
I- विशाल गुप्ता, ईवी डीलर, बालागंजI
ई कार के लिए दो-दो महीने की वेटिंग
Iई कार के विभिन्न मॉडल पर एक से दो महीने की वेटिंग चल रही है। मांग अच्छी होने के कारण कंपनियां माल की आपूर्ति नहीं कर पा रही हैं। विंडसर मॉडल पर दो महीने, कॉमेट पर डेढ़ महीने और एमजी जेडएस मॉडल पर एक महीने की वेटिंग है।I
I- आरिफ खान, मैनेजर, एमजी मोटर्सI
इलेक्ट्रिक वाहन।
इलेक्ट्रिक वाहन।